Tech Tips: गलत टेम्पर्ड ग्लास तोड़ सकता है फोन की स्क्रीन! खरीदते समय इन बातों को न करें नजरअंदाज
Tempered Glass Buying Tips:
स्मार्टफोन की सुरक्षा के लिए लोग सबसे पहले टेम्पर्ड ग्लास लगाते हैं, लेकिन गलत क्वालिटी या खराब फिटिंग वाला ग्लास स्क्रीन को बचाने के बजाय उसे नुकसान पहुंचा सकता है। सही टेम्पर्ड चुनना जरूरी है, वरना गिरने पर स्क्रीन सीधा टूट सकती है।

विस्तार
अधिकतर लोग मानते हैं कि टेम्पर्ड ग्लास फोन की स्क्रीन को हर स्थिति में बचा लेगा, लेकिन सच इससे थोड़ा अलग है। फोन गिरने पर टेम्पर्ड खुद टूट जाता है और स्क्रीन सुरक्षित रहती है, जबकि कभी-कभी टेम्पर्ड ठीक रहता है, पर असली स्क्रीन में क्रैक आ जाता है। असल फर्क ग्लास की क्वालिटी और उसकी फिटिंग से पड़ता है।
टेम्पर्ड कैसे काम करता है और कब होता है नुकसान?
टेम्पर्ड ग्लास इस तरह डिजाइन किया जाता है कि अगर फोन गिरे तो पहला झटका उसे लगे। वह खुद टूटकर स्क्रीन तक झटका पहुंचने नहीं देता। लेकिन यह तभी संभव है जब ग्लास की क्वालिटी सही हो, ग्लू समान रूप से चिपका हो और फिटिंग पूरी तरह एयर-टाइट हो। अगर किनारों पर गैप रह जाए या इंस्टॉलेशन में बबल बन जाएं, तो गिरते समय झटका सीधे स्क्रीन पर पड़ता है।

टेम्पर्ड न टूटे तो मजबूत समझने की गलती न करें
मार्केट में कई दुकानदार हथौड़ी से मारकर ग्लास की मजबूती दिखाते हैं। लोग इसे अच्छा समझ लेते हैं। लेकिन असलियत यह है कि जो टेम्पर्ड टूटेगा नहीं, वह झटका स्क्रीन तक पहुंचा देगा। इसका मतलब स्क्रीन टूटने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। एक अच्छा टेम्पर्ड गिरने पर खुद क्रैक होकर स्क्रीन को बचाता है।
सही टेम्पर्ड ग्लास कैसे चुनें?
अपने फोन मॉडल के हिसाब से बना ग्लास ही लें। साइज या कर्व्ड किनारों के कारण फिटिंग बहुत मायने रखती है।फुल-ग्लू वाले टेम्पर्ड चुनें। सिर्फ एज-ग्लू वाले ग्लास से बचें, ये झटका नहीं रोक पाते।टेम्पर्ड ग्लास की मोटाई करीब 0.3 mm होनी चाहिए। यह मजबूती और टच रेस्पॉन्स का बेहतर संतुलन देता है।इंस्टॉलेशन में बबल या गैप नहीं रहना चाहिए, वरना स्क्रीन सीधे डैमेज हो सकती है।सही टेम्पर्ड के साथ एक अच्छा केस भी लगाएं। दोनों साथ मिलकर गिरने पर नुकसान कम करते हैं।