YouTube: किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर यूट्यूब का नया कदम, लॉन्च किए खास वेलबीइंग टूल्स और वीडियो सीरीज
YouTube ने किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य और वेलबीइंग को ध्यान में रखते हुए नई पहल की है। अब प्लेटफॉर्म पर युवाओं को भरोसेमंद संस्थानों द्वारा बनाए गए वीडियो और संसाधन मिलेंगे, जो तनाव, चिंता और ईटिंग डिसऑर्डर जैसे विषयों पर सही जानकारी देंगे।

विस्तार
YouTube ने किशोरों के लिए मेंटल हेल्थ और वेलबीइंग पर केंद्रित नया कंटेंट लॉन्च किया। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को विश्वसनीय और उम्र-उपयुक्त जानकारी एक ही जगह पर उपलब्ध कराना है। अब जब किशोर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों जैसे ईटिंग डिसऑर्डर, एंग्जायटी, डिप्रेशन और ADHD पर सर्च करेंगे, तो उन्हें भरोसेमंद संस्थानों द्वारा बनाए गए वीडियो का एक विशेष ‘सुझाव सेक्शन’ दिखाई देगा। Google ने बताया कि इस फीचर का मकसद युवाओं के लिए विश्वसनीय और डेटा-आधारित कंटेंट तक पहुंच को आसान बनाना है।
भारत से जुड़ा योगदान
भारत के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेस (NIMHANS) ने इस पहल के तहत “मनोसंदेश" वीडियो सीरीज तैयार की है। इसमें प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, शोधकर्ता और पेशेंट एडवोकेट्स युवाओं के सवालों के जवाब देते हैं।
NIMHANS की डायरेक्टर और सीनियर प्रोफेसर डॉ. प्रतिभा मूर्ति ने कहा,
“किशोरावस्था में भावनात्मक संतुलन, समय पर पहचान और सहायता जीवनभर के मानसिक स्वास्थ्य को सकारात्मक दिशा में बदल सकती है। ऐसी पहलें न केवल जागरूकता बढ़ाती हैं बल्कि स्कूलों, परिवारों और समुदायों में सुरक्षित माहौल भी बनाती हैं।”
ग्लोबल संस्थानों के साथ सहयोग
YouTube ने बताया कि वह ऐसे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहा है जो युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने पर केंद्रित हैं। प्लेटफॉर्म पर आने वाले वीडियो को न सिर्फ किशोरों के लिए रोचक बनाया जाएगा, बल्कि इन्हें डेटा और रिसर्च पर आधारित रखा जाएगा ताकि यूजर्स को भरोसेमंद जानकारी मिले।