एडल्ट वेबसाइट पर जाने से पहले फेसबुक कीजिए लॉग आउट

अगर आप फेसबुक पर लॉग-इन होकर किसी एडल्ट वेबसाइट को देखने पर विचार कर रहे हैं। तो जरा ठहरिए। आपको पहले फेसबुक को लॉग-आउट करना होगा। सोशल नेटवर्क ने उपयोगकर्ताओं की फीड में टारगेट विज्ञापन फिट करने के लिए यूजर्स के ऑनलाइन सर्च को ट्रैक करना काफी तेज कर दिया है।
ऐसा करने के लिए अमेरिकी कंपनी ने आपकी पसंद, शेयर और फेसबुक लॉग इन के दौरान सर्च को भी ट्रैक करती है।
डेलीस्टार की रिपोर्ट के मुताबिक अगर आप सोशल नेटवर्क पर लॉग इन होकर किसी अन्य वेबसाइट पर जाते हैं जिस पर फेसबुक बटन भी मौजूद है, तो इस बात की काफी हद तक संभावना है कि आपको ट्रैक किया जा सकता है।
ज्यादातर वेबसाइट पर फेसबुक लाइट बटन शामिल है, इसलिए अगर आप एक वयस्क वेबसाइट पर हैं तो यह भी फेसबुक द्वारा देखा जा सकता है।
ट्रैकिंग तकनीक के बारे में बात करते हुए फेसबुक के एक प्रवक्ता ने कहा, "जब आप किसी थर्ड पार्टी ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल करते है जो हमारे लाइक बटन या फेसबुक लॉग इन या हमारी अन्य सेवाओं का उपयोग करते हैं, तो हम आपकी जानकारी इकट्ठा करते हैं। "
2009 में आए लाइक बटन का अब बदला काम

फेसबुक पहली बार 2009 में अपने लाइक और शेयर बटन को पेश किया था और हाल ही में कंपनी घोषणा की है कि कैसे यह विज्ञापनों को लक्षित करने का काम कर रहा है।
हाल ही में एक ब्लॉग पोस्ट "लोगों के लिए बेहतर विज्ञापन लाना" में कहा गया कि फेसबुक के कई उपयोगकर्ताओं कहना है कि विज्ञापन कष्टप्रद, ध्यान भंग या गुमराह कर रहे हैं।
फेसबुक का कहना है कि इसलिए दोनों ऑन लाइन और ऑफ लाइन विज्ञापनों में सुधार लाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
लेकिन आपके लिए "बेहतर विज्ञापन" लाने के लिए फेसबुक ने इस पर भी नजर रखना शुरू कर दिया है कि आप नियमित रूप से किस वेबसाइट पर समय बिता रहे हैं।