xAI: इंजीनियर ने Grok की खुफिया जानकारी चुराकर OpenAI को बेची, कंपनी से मिला था नौकरी का ऑफर
xAI: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की जंग और तेज हो गई है। एलन मस्क की कंपनी xAI ने पूर्व इंजीनियर शुएचेन ली पर Grok चैटबॉट के राज चुराने और OpenAI तक पहुंचाने का गंभीर आरोप लगाते हुए बड़ा मुकदमा दायर किया है।

विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक और बड़ा विवाद सामने आया है। एलन मस्क की कंपनी xAI ने अपने पूर्व इंजीनियर शुएचेन ली के खिलाफ कैलिफोर्निया की फेडरल कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि ली ने कंपनी के फ्लैगशिप चैटबॉट Grok से जुड़ी गोपनीय जानकारियां चुराकर OpenAI तक पहुंचाने की कोशिश की। कंपनी का दावा है कि ये चुराए गए डेटा इतने अहम हैं कि OpenAI इन्हें इस्तेमाल कर अपने चैटबॉट ChatGPT को और ज्यादा ताकतवर बना सकता है।
क्या है मामला?
शुएचेन ली साल 2023 में xAI से जुड़े थे और Grok के ट्रेनिंग और डेवलपमेंट पर काम कर रहे थे। शिकायत के मुताबिक, इस साल उन्होंने OpenAI से जॉब ऑफर स्वीकार किया, साथ ही xAI के 7 मिलियन डॉलर (करीब 58 करोड़ रुपये) के शेयर बेच डाले। इसके बाद, कंपनी का आरोप है कि ली ने महत्वपूर्ण फाइलें कॉपी कर लीं और निकलने से पहले अपने डिजिटल निशान मिटाने की कोशिश की। 14 अगस्त को हुई एक मीटिंग में ली ने दस्तावेज लेने की बात स्वीकार भी की, लेकिन बाद में उनके डिवाइस से और भी मटेरियल बरामद हुआ।
xAI की दलील
xAI का कहना है कि ली ने जिन जानकारियों तक पहुंच बनाई, वे “कटिंग-एज AI टेक्नोलॉजी” से जुड़ी हैं, जिनमें ChatGPT से भी बेहतर फीचर्स मौजूद हैं। कंपनी ने कोर्ट से न सिर्फ आर्थिक हर्जाने की मांग की है बल्कि ली को OpenAI जॉइन करने से रोकने का आदेश भी चाहा है।
Musk और OpenAI का पुराना टकराव
यह मामला केवल एक इंजीनियर तक सीमित नहीं है, बल्कि एलन मस्क और OpenAI के बीच बढ़ते टकराव का हिस्सा है। मस्क ने 2015 में OpenAI की सह-स्थापना की थी लेकिन अब वे इसके सबसे बड़े आलोचकों में से एक हैं। मस्क पहले से ही OpenAI और सीईओ सैम ऑल्टमैन पर गैर-लाभकारी वादों को छोड़कर मुनाफाखोरी करने का आरोप लगाकर मुकदमा कर चुके हैं। वहीं, अप्रैल में OpenAI ने भी मस्क के खिलाफ हैरासमेंट के लिए कानूनी कार्रवाई की थी।
यही नहीं, इसी हफ्ते xAI ने टेक्सास में एक और मुकदमा दर्ज किया है जिसमें OpenAI और Apple पर आरोप लगाया गया है कि वे iPhone जैसे डिवाइस पर AI चैटबॉट्स को लेकर मोनोपॉली कर रहे हैं।
यह पूरा मामला साफ दिखाता है कि AI की दौड़ सिर्फ टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि अब यह कानूनी और व्यक्तिगत लड़ाई में भी बदलती जा रही है।