X Corp: टेकडाउन मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट सख्त, सबूत पेश करने के लिए एक्स कॉर्प को मिला आखिरी मौका
न्यायालय ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट को सरकार द्वारा जारी किए गए ब्लॉकिंग आदेशों के अनुपालन को दिखाने के लिए सबूत पेश करने के लिए आखिरी मौका दिया है।

विस्तार
माइक्रो ब्लॉगिंग साइट एक्स कॉर्प टेकडाउन आदेश अनुपालन मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट सख्त हो गया है। अब न्यायालय ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट को सरकार द्वारा जारी किए गए ब्लॉकिंग आदेशों के अनुपालन को दिखाने के लिए सबूत पेश करने के लिए आखिरी मौका दिया गया है। इससे पहले एकल-न्यायाधीश पीठ ने एक्स कॉर्प की याचिका खारिज कर दी थी और मंत्रालय के आदेशों का पालन किए बिना अदालत का दरवाजा खटखटाने पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
क्या है पूरा मामला?
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeiTY) ने एक्स कॉर्प (पहले ट्विटर) को जून 2022 में अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से कुछ ट्वीट्स, अकाउंट्स और यूआरएल को हटाने के आदेश दिए थे। सरकार ने 2 फरवरी, 2021 और 28 फरवरी, 2022 के बीच अपने 10 आदेशों में माइक्रोब्लॉगिंग साइट को 1,474 अकाउंट्स , 175 ट्वीट्स, 256 यूआरएल और एक हैशटैग को ब्लॉक करने के लिए कहा था।
जिसके बाद एक्स कॉर्प ने मंत्रालय के ब्लॉकिंग आदेश को नहीं माना और उनके खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। लंबी चली सुनवाई के बाद एकल-न्यायाधीश पीठ ने याचिका खारिज कर दी थी और मंत्रालय के आदेशों का पालन नहीं करने पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। माइक्रो ब्लॉगिंग साइट को 45 दिनों के भीतर राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण को भुगतान करने का आदेश भी दिया गया था।
अब 15 सितंबर को होगी सुनवाई
अब हाई कोर्ट ने मामले को 15 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दिया है। हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कंपनी को दिया जाने वाला आखिरी मौका था। कोर्ट ने कहा कि अपीलकर्ता के वकील ने, 'वह निर्देश का इंतजार कर रहे हैं' के आधार पर स्थगन की प्रार्थना की है। इस आधार पर अपीलकर्ता को एक और आखिरी अवसर दिया जाता है। अपील 15 सितंबर तक के लिए स्थगित की जाती है।"
दरअसल, एक्स कॉर्प के वकील ने मुख्य न्यायाधीश प्रसन्ना बी वराले और न्यायमूर्ति एम जी एस कमल की पीठ से इस मामले में समय की मांग की थी। उनका कहना था कि वह एक्स कॉर्प के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं।