वर्ल्डस्किल्स 2026: एआई से लेकर साइबर सिक्योरिटी तक, शंघाई के मंच से युवा दिखाएंगे अपने हुनर का दम
शंघाई में वर्ल्डस्किल्स कॉन्फ्रेंस 2026 की शुरुआत आज से हो चुकी है। इस इवेंट में सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ही नहीं, बल्कि ग्लोबल स्किल डेवलपमेंट और इनोवेशन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसका मकसद बदलते दौर में इंसानी हुनर को नई दिशा देना है।

विस्तार
चीन के शंघाई स्थित नेशनल एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में 23 से 25 सितंबर तक 48वें 'वर्ल्डस्किल्स कॉन्फ्रेंस' का भव्य आयोजन हो रहा है। "शेपिंग अ स्किल्स-ड्रिवन फ्यूचर" की थीम पर आधारित इस महासम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर बात करना नहीं है, बल्कि कौशल विकास के क्षेत्र में होने वाले इनोवेशन को विश्व स्तर पर बढ़ावा देना है। दुनिया भर में तकनीक और ग्रीन ट्रांजिशन के कारण काम करने के तौर-तरीकों में तेजी से बदलाव आ रहा है। ऐसे में यह ग्लोबल प्लेटफॉर्म इस बात पर गहन मंथन कर रहा है कि कैसे अगली पीढ़ी के प्रोफेशनल्स को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार और सशक्त किया जाए।
स्किल्ड वर्कर्स तय करेंगे दुनिया का भविष्य
सम्मेलन की शुरुआत स्टेनली ब्लैक एंड डेकर के अध्यक्ष और सीईओ क्रिस्टोफर जे नेल्सन के खास संबोधन के साथ हुई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आने वाले समय में दुनिया के भविष्य को आकार देने में स्किल्ड वर्कर्स और कुशल पेशेवरों की भूमिका सबसे अहम होने वाली है। इस अंतरराष्ट्रीय इवेंट में तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (टीवीईटी) सिस्टम को आधुनिक बनाने, ट्रेनिंग की कमियों को दूर करने और नए इनोवेशन इकोसिस्टम को लागू करने जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।
एआई और इंसानी हुनर का बेहतरीन तालमेल
इस तीन दिवसीय आयोजन का दूसरा दिन पूरी तरह से एआई और वर्कफोर्स पर इसके वास्तविक प्रभाव पर केंद्रित रहेगा। फेस्टो डिडैक्टिक के डिजिटल बिजनेस प्रमुख ओलिवर नीस ने एक बेहद दिलचस्प नजरिया पेश करते हुए कहा कि आने वाला कल सिर्फ मशीनों का नहीं, बल्कि उन लोगों का होगा जो अपनी तकनीकी क्षमता को जिज्ञासा, क्रिटिकल थिंकिंग और एआई के साथ तालमेल बिठाकर काम करने के आत्मविश्वास के साथ जोड़ सकेंगे। सुरवेंटिस के वाइस प्रेसिडेंट यी गुओ ने भी इसी बात का समर्थन करते हुए डेटा मैनेजमेंट, एडवांस तकनीक को अपनाने और लगातार सीखते रहने की आदत को बिजनेस ग्रोथ की सबसे बड़ी कुंजी बताया।
इंसानी क्षमताओं को रफ्तार देगा एआई
सीमेंस के ग्लोबल पार्टनर इकोसिस्टम के कार्यकारी उपाध्यक्ष डियोन स्मिथ ने मशीन और इंसान के रिश्ते को बेहद सरल शब्दों में समझाया। उनका मानना है कि एआई इंसानी क्षमताओं को रफ्तार देने वाला अब तक का सबसे बड़ा और ताकतवर टूल है। उनके मुताबिक भविष्य में वो देश या कंपनियां बाजी नहीं मारेंगी जिनके पास सिर्फ बेहतरीन एल्गोरिदम होगा, बल्कि असली जीत उनकी होगी जो अपने लोगों के हुनर, उनकी जिज्ञासा और बदलाव को अपनाने की क्षमता पर सबसे तेजी से निवेश करेंगे। इस इवेंट में टीवीईटी सिस्टम पर एआई के असर को मापने के लिए चीन के मानव संसाधन मंत्रालय, ओईसीडी और ईस्ट चाइना नॉर्मल यूनिवर्सिटी द्वारा तैयार किए गए एक पायलट प्रोजेक्ट की झलक भी पेश की जाएगी।
'स्किल्स को-लैब' के जरिए नए समाधानों की तलाश
इस बार शंघाई में 'स्किल्स को-लैब' (Skills CoLab) नाम से एक बिल्कुल नई पहल भी शुरू की गई है, जिसके जरिए दुनिया भर के 26 इनोवेटिव स्किलिंग प्रोजेक्ट्स को पहली बार एक मंच पर लाया गया है। इस पहल के तहत कॉन्फ्रेंस में शामिल होने वाले प्रतिनिधियों को अलग-अलग सत्रों में खास बैठकें करने और एक-दूसरे के बेहतरीन अनुभवों व तकनीकों को साझा करने का शानदार मौका मिल रहा है। कुल मिलाकर, इनोवेशन, समावेशन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के तीन मजबूत स्तंभों पर खड़ा यह सम्मेलन नीति निर्माताओं, इंडस्ट्री लीडर्स और युवाओं को एक साथ लाकर तेजी से बदलती दुनिया के लिए एकदम नए और व्यावहारिक समाधान तलाश रहा है।
- हर समय रिकॉर्ड हो रही आपकी बातें: एपल वॉच का 'ऑलवेज-ऑन' लिसनिंग फीचर बना मुसीबत, प्राइवेसी को कितना है खतरा?
- टेक टिप्स: क्या फोन में दो सिम लगाने से जल्दी खत्म होती है बैटरी, 5G नेटवर्क पर जल्दी होता है डिस्चार्ज? जानें
- घटिया 'टेंपर्ड ग्लास' पर सरकार की नकेल: अब बीआईएस तय करेगा क्वालिटी, 1 अप्रैल 2027 से लागू होगा नया नियम
- वनप्लस एन6 लाइट भारत में लॉन्च: मिलिट्री ग्रेड बॉडी, 7000mAh बैटरी, गिले हाथों से भी चलेगा फोन, जानें कीमत