Black Friday Sale 2025: ब्लैक फ्राइडे सेल का भारतीयों में क्यों है इतना ज्यादा क्रेज? समझिए पूरा मामला

सुयश पांडेय
टेक डेस्क, नई दिल्लीसुयश पांडेय
Fri, 28 Nov 2025 10:45 PM IST
सार

भारत में ब्लैक फ्राइडे सेल अचानक इतना बड़ा शॉपिंग फेस्टिवल कैसे बन गया यह अपने आप में दिलचस्प बात है। पिछले कुछ दिनों में अगर आपने फेसबुक, इंस्टाग्राम या एक्स स्क्रोल किया हो, तो एक चीज जरूर नोट की होगी। हर ब्रांड ब्लैक फ्राइडे सेल की बात कर रहा है।

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why Indians are obsessing over Black Friday sale?
ब्लैक फ्राइडे सेल (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : AI

    विस्तार

    आज ब्लैक फ्राइडे सेल की शुरुआत हो चुकी है और दुनियाभर के ऑनलाइन स्टोर्स पर जबरदस्त डिस्काउंट्स देखने को मिल रहे हैं। थैंक्सगिविंग के अगले दिन मनाया जाने वाला यह सेल का यह दिन हर साल क्रिसमस और न्यू ईयर शॉपिंग सीजन की शुरुआत माना जाता है। ग्राहकों के लिए यह बेहतरीन डील्स का मौका जरूर होता है, लेकिन इसी समय ऑनलाइन ठगी और डिजिटल फ्रॉड का खतरा भी तेजी से बढ़ जाता है।

    ब्लैक फ्राइडे की शुरुआत भले ही 1960 के दशक में अमेरिका के फिलाडेल्फिया से हुई हो। लेकिन भारत में यह अचानक इतना बड़ा शॉपिंग फेस्टिवल कैसे बन गया यह अपने आप में दिलचस्प बात है। पिछले कुछ दिनों में अगर आपने फेसबुक, इंस्टाग्राम या एक्स स्क्रोल किया हो, तो एक चीज जरूर नोट की होगी। हर ब्रांड ब्लैक फ्राइडे सेल की बात कर रहा है। लक्जरी ब्रांड, होमग्रोन स्किनकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, कैंडल्स या फैशन लगभग हर कैटेगरी इस ट्रेंड में कूद चुकी है। कहीं Buy 1 Get 1 ऑफर, कहीं 50% तक डिस्काउंट और कहीं सिर्फ नाम भर की सेल दिखाकर हाइप बनाई जा रही है। लेकिन पैटर्न एक ही है कि हर ब्रांड ब्लैक फ्राइडे की होड़ में शामिल होना चाह रहा है।

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    भारत ने इस 'गैर-भारतीय' फेस्टिवल को कैसे अपनाया?

    इसका जवाब तीन चीजों में छिपा है- ग्लोबलाइजेशन + FOMO (फियर ऑफ मिसिंग आउट) + इन्फ्लुएंसर्स

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    1. शुरुआत ग्लोबल ब्रांड्स से हुई और इंटरनेट ने की मार्केटिंग

    जब ग्लोबल ब्रांड्स भारत आए, तो अपने साथ डिस्काउंट कैलेंडर भी साथ लेकर आए। लेकिन असली बूम तब आया जब सोशल मीडिया क्रिएटर्स ने ब्लैक फ्राइडे डील्स को आक्रामक तरीके से प्रमोट करना शुरू किया। अचानक ब्लैक फ्राइडे 'साल की सबसे बड़ी सेल' बन गई। जिन्हे इस दिन का इतिहास भी नहीं पता वे भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने लगे। दिल्ली की काउंसलर रूचि रूह कहती हैं कि "आज ऑनलाइन विज्ञापन इतने पर्सनलाइज्ड हो गए हैं कि आपका फोन आपकी पसंद जानता है और वही ऑफर्स हर जगह दिखते रहते हैं"। ब्लैक फ्राइडे अब पुरानी एंड-ऑफ-सीजन सेल की तरह नहीं, बल्कि एक डिजिटल सेलिब्रेशन बन चुका है। काउंटडाउन टाइमर, इन्फ्लुएंसर्स की डील रील्स और 'अभी नहीं खरीदा तो मिस कर दोगे' वाला दबाव।

    2. FOMO की वजह से बढ़ रहा है ब्लैक फ्राइडे का क्रेज

    आज हर सेल फियर ऑफ मिसिंग आउट (FOMO) पैटर्न पर चलती है- 'आज ही के लिए', 'सिर्फ 4 पीस बचे हैं', 'मिडनाइट तक 70% ऑफ' ऐसे मैसेज दिमाग को तुरंत प्रोडक्ट खरीदने के लिए मजबूर करते हैं। ऐसे में व्यक्ति एक प्रोडक्ट खरीदना चाहता है मगर हड़बड़ी में दो-तीन प्रोडक्ट खरीद लेता है। क्योंकि यूजर को लगता है कि ये ऑफर दुबारा नहीं मिलेगा"। ब्लैक फ्राइडे का धंधा भी अब इसी पैटर्न पर चल रहा है।

    3. इन्फ्लुएंसर्स करते हैं मार्केटिंग

    क्रिएटर्स की 'हॉल वीडियो', 'मस्ट-बाय लिस्ट' और 'बेस्ट डील' रिव्यू इसे यूजर्स के लिए और मु्श्किल बनाते हैं। स्किनकेयर से लेकर कैंडल्स और टेक गैजेट तक हर चीज अचानक जरूरी लगने लगती है। जितना ज्यादा आप स्क्रोल करते हैं, उतनी ज्यादा पर्सनलाइज्ड डील्स दिखाई देती हैं। तो ब्लैक फ्राइडे में शॉपिंग करें लेकिन ऐसे कि आपके जेब पर भी ज्यादा असर न पड़े।

    ब्लैक फ्राइडे सेल के लिए कुछ आसान और काम के टिप्स

    1. ऐसा बजट रखें जिससे बाद में खर्च करने का पछतावा न हो।

    2. प्रोडक्ट पसंद आने पर कार्ट में डालकर थोड़ी देर बाद देखें।

    3. देर-रात स्क्रोलिंग से बचें। यही इम्पल्स शॉपिंग का असली समय होता है।

    4. ऐसे इन्फ्लुएंसर्स को अनफॉलो और म्यूट करें जो बार-बार प्रोडक्ट खरीदने के लिए उकसाते हैं।

    5. पहले देखें कि घर में क्या है? कई बार हमारे पास प्रोडक्ट होते हुए भी हम शॉपिंग कर लेते हैं।

    6. जरूरत एक की हो, तो एक ही प्रोडक्ट खरीदें। कंट्रोल के लिए शॉपिंग लिस्ट बनाकर खरीदारी करें।

    क्या भारत का ब्लैक फ्राइडे क्रेज खत्म होगा?

    फिलहाल भारत में ब्लैक फ्राइडे सेल की क्रेज कम होने की संभावना नहीं है। यह अब FOMO, ग्लोबल कल्चर, मनोरंजन और मनोवैज्ञानिक मार्केटिंग सबका मिश्रण बन चुका है। लेकिन अगर हम इन ट्रिगर्स को समझ लें, तो शॉपिंग का मजा भी बना रहेगा और जेब पर ज्यादा दबाव भी नहीं पड़ेगा।

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