चीनी कंपनी शाओमी के स्मार्टफोन क्यों हो रहे हैं भारत में लोकप्रिय, ये है कंपनी की रणनीति

अजय वर्मा
टेक डेस्क, अमर उजालाअजय वर्मा
Mon, 28 Oct 2019 04:48 PM IST
विज्ञापन
Why Chinese company Xiaomi Become Popular In India Know Company Strategy
Xiaomi Redmi K 20 - फोटो : सांकेतिक

    चीनी टेक कंपनी शाओमी (Xiaomi) ने कुछ सालों के अंदर ही भारत में कम क़ीमतों के स्मार्टफोन बाजार पर कब्ज़ा कर लिया है। इस चीज को टेक विशेषज्ञों ने समझाया है। 15 मिनट के भीतर ही शाओमी का लेटेस्ट स्मार्टफोन रेडमी नोट 8 को बिकने में, जब सोमवार को उसे ऑनलाइन 'फ्लेश सेल' के लिए डाला गया। कंपनी के लिए ये कोई नई बात नहीं है बल्कि ये कंपनी की इंडिया स्ट्रैटिजी का अहम हिस्सा है।

    टेक्नोलॉजी मामलों की पत्रकार माला भार्गव ने कहा है कि आपको पहले ऑनलाइन रजिस्टर करना होता है और फिर इन फ्लेश सेल्स पर नज़र रखनी होती है. जैसे ही ये शुरू हो आप ख़रीददारी कर सकते हैं। हालांकि शाओमी के मोबाइल ऑफलाइन स्टोर्स में भी मिलते हैं। ज़्यादातर नए मॉडल पहले ऑनलाइन बिकते हैं, जो कंपनी की सेल का आधे से ज़्यादा होता है।

    विज्ञापन

    शाओमी 2015 में भारतीय बाज़ार में आया था। टेलिकॉम रिसर्च फ़र्म कन्वर्जेंस कैटेलिस्ट के पार्टनर जयंत कोला के मुताबिक़ कंपनी ने भारत में स्टोर बनाने पर निवेश नहीं किया। इसके बजाय उन्होंने अपने उत्पादों को ऑनलाइन बेचने पर फोकस किया। इससे डिस्ट्रिब्यूशन कॉस्ट कम हो गई, जिसकी वजह से फोन सस्ते हो गए।

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    जयंत कोला ने कहा है कि उनकी ऑनलाइन मौजूदगी से भारत में उन्हें पसंद करने वालों की तादाद बढ़ी है। इससे शाओमी देश के स्मार्टफोन मार्केट में एक बड़ा प्लेयर बनकर उभरा है। भारत के बढ़ते स्मार्टफोन मार्केट पर आधे से ज्यादा नियंत्रण चीनी कंपनियों का है। इस समय इन कंपनियों से 45 करोड़ से ज्यादा ग्राहक जुड़े हैं। मतलब भारत में शाओमी का आठ अरब डॉलर का बाजार है। वहीं, शाओमी की भारत के बाजार में 28% हिस्सेदारी है।

    भार्गव ने कहा है कि कपंनी ऐसे फोन से लेकर आई जो आईफोन की तरह दिखते थे। उनके उत्पादों की पहली खेप की एपल के उत्पादों से तुलना की गई और कंपनी की इसके लिए आलोचना भी हुई थी। लेकिन बात सिर्फ इतनी नहीं थी कि शाओमी के फोन आईफोन की तरह दिखते थे। इन फोन में ढेर सारे फीचर और हार्डवेयर थे, जिससे भारतीयों को लगा कि उनके पैसे वसूल हो गए हैं।

    मिसाल के तौर पर उन्हें रेडमी के फोन में 64 मेगापिक्सल कैमरा मिला है। इन फोन्स की शुरुआत 9,999 रुपए से होकर 17,999 रुपए तक थी। भारतीय ग्राहक इन फोन की तरफ खिंचते चले गए, जो दिखते आईफोन की तरह थे, लेकिन उनकी क़ीमत उससे एक तिहाई थी। उन्होंने आगे कहा है कि उनकी कंपनी ने एक रिसर्च में पाया कि जब किसी व्यक्ति की आय बढ़ती है तो वो 'बेहतर स्मार्टफ़ोन' ख़रीदना चाहते हैं। वो या तो एपल होता है या सैमसंग है।

    इस साल की शुरुआत में जब के20 नई सीरीज आई तो शाओमी लुढ़क गया था। शाओमी के भारतीय डायरेक्टर मनु जैन ने कहा था कि कुछ साल पहले भारत के स्मार्टफोन बाजार में कंपनी का हिस्सा तीन से चार प्रतिशत था। जो अब बढ़ गया है।

    और पढ़ें...
    Login or Signup
    अपना शहर चुनें