बड़ी टेक कंपनियां कर रहीं जॉब्स में कटौती, जानिए क्यों जा रही हैं हजारों लोगों की नौकरियां?
आर्थिक मंदी की आहट से दुनियाभर की टेक कंपनियां डरी हुई हैं। पहले कोरोना लॉकडाउन और अब रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बढ़ने से टेक कंपनियों ने हायरिंग को रोक दिया है।

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माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर को 44 बिलियन डॉलर में खरीदने के तुरंत बाद एलन मस्क ने ट्विटर के करीब आधे कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। इतनी बढ़ी मात्रा में कर्मचारियों को निकालने की वजह को मस्क ने कंपनी की आर्थिक स्थिती को ठीक करना बताया है। सिर्फ इतना ही नहीं ट्विटर की कमान संभालते ही एलन मस्क माइक्रो ब्लॉगिंग साइट के सीएफओ, सीईओ और पॉलिसी चीफ को बाहर का रास्ता दिखा चुके हैं। ट्विटर के साथ कई बड़ी टेक कंपनियां भी बढ़ी मात्रा में छंटनी कर रही हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अक्टूबर तक के आंकड़ों में इस साल में अब तक माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, इंटेल जैसी बड़ी टेक कंपनियों ने 45 हजार से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी की है। कई छोटी और बड़ी टेक कंपनियों ने भी छंटनी करने की घोषणा कर दी है और नई हायरिंग को भी रोक दिया है। इनमें ऐसी कंपनियां भी शामिल हैं, जिन्होंने कोरोना काल में ऑनलाइन बिजनेस से मोटी कमाई की है। कंपनियों का कहना है कि लॉकडाउन में ऑनलाइन बिजनेस के चलते अधिक मात्रा में हायरिंग कर ली थी, जिसे अब बैलेंस किया जा रहा है। सिर्फ अमेरिकी कंपनियां ही नहीं भारतीय आईटी कंपनियां भी नई हायरिंग से कतरा रही हैं।
दरअसल, आर्थिक मंदी की आहट से दुनियाभर की टेक कंपनियां डरी हुई हैं। पहले कोरोना लॉकडाउन और अब रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बढ़ने से टेक कंपनियों ने हायरिंग को रोक दिया है और बड़ी मात्रा में कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी है। इसके पीछे रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से सप्लाई चेन में दिक्कत आने को भी बढ़ी वजह बताया जा रहा है। कोरोना के बढ़ते मामले की वजह से चीन में लॉकडाउन लग रहा है, इसकी वजह से सप्लाई चेन और टेक कंपनियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।