AMOLED vs POLED: किस फोन डिस्प्ले में मिलती है ज्यादा ब्राइटनेस, कौन-सा है ज्यादा रफ एंड टफ? जानिए डिटेल

जागृति
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीजागृति
Sun, 07 Dec 2025 06:17 PM IST
सार

AMOLED vs POLED Display Comparison

: स्मार्टफोन खरीदते समय हम कैमरा, बैटरी और रैम पर ध्यान देते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि फोन की असली खूबसूरती और यूजर का अनुभव डिस्प्ले पर टिका होता है। तो चलिए जानते हैं कि कौन सा डिस्प्ले आपकी जरूरतों के हिसाब से परफेक्ट साबित हो सकता है?

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Which display  better AMOLED or POLE know difference between two here
AMOLED vs POLED - फोटो : अमर उजाला

    बाजार में कई तरह के डिस्प्ले वाले स्मार्टफोन उपलब्ध हैं। इनमें से AMOLED और POLED डिस्प्ले सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं। स्मार्टफोन खरीदते समय अक्सर इन दोनों के बीच ग्राहकों का कन्फ्यूजन बढ़ जाता है। हालांकि, दोनों ही LED तकनीक पर आधारित हैं, लेकिन इनकी खूबियां और कमियां काफी अलग हैं। ऐसे में दोनों तरह के डिस्प्ले में से किसमें बेहतर व्यूइंग एक्सपीरियंस मिलेगा, कौन सबसे बेहतर कलर क्वालिटी देगा और टिकाऊपन के लिहाज से कौन सबसे अच्छा होगा? आइए जानते हैं।

    AMOLED vs POLED
    AMOLED vs POLED - फोटो : freepik

    AMOLED डिस्प्ले क्या है?

    AMOLED यानी Active Matrix Organic Light Emitting Diode को एक प्रीमियम स्मार्टफोन डिस्प्ले माना जाता है। यह ग्लास सब्सट्रेट पर तैयार किया जाता है, जिसमें हर पिक्सल खुद रोशनी उत्पन्न करता है। इसका फायदा यह होता है कि स्मार्टफोन की स्क्रीन पर रंग बेहद नेचुरल और गहरे दिखाई देते हैं। AMOLED की सबसे बड़ी खासियत इसकी हाई ब्राइटनेस और शानदार आउटडोर विजिबिलिटी है। यानी धूप में भी स्मार्टफोन की स्क्रीन साफ नजर आती है। इसी वजह से आज ज्यादातर प्रीमियम और फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स में AMOLED डिस्प्ले का इस्तेमाल किया जाता है।

    AMOLED vs POLED
    AMOLED vs POLED - फोटो : freepik

    POLED डिस्प्ले क्या है?

    POLED का पूरा नाम Plastic Organic Light Emitting Diode होता है। इसमें भी LED तकनीक ही इस्तेमाल की जाती है, लेकिन ग्लास की जगह प्लास्टिक मटीरियल का उपयोग होता है। इसी वजह से यह डिस्प्ले ज्यादा लचीला और टिकाऊ माना जाता है। आजकल POLED डिस्प्ले वाले स्मार्टफोन्स की मांग लगातार बढ़ रही है, क्योंकि इसमें स्क्रीन टूटने का खतरा कम होता है। खासकर फोल्डिंग फोन, कर्व्ड डिस्प्ले मॉडल और डिजाइन-सेंट्रिक स्मार्टफोन्स में POLED का उपयोग तेजी से बढ़ा है। हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि कुछ स्मार्टफोन्स में POLED डिस्प्ले पर ब्राइटनेस से जुड़ी समस्याएं देखी गई हैं। इनमें शिकायत रहती है कि ये आउटडोर उपयोग के दौरान बेहतर ब्राइटनेस नहीं दे पाते हैं।

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