इस सॉफ्टवेयर से हुई WhatsApp की जासूसी, MP हनीट्रैप मामले में भी हुआ था इस्तेमाल

प्रदीप पांडे
टेक डेस्क, अमर उजालाप्रदीप पांडे
Fri, 01 Nov 2019 11:42 AM IST
सार
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Whatsapp spyware attack Pegasus software been used all you need to know about it
Whatsapp spyware attack - फोटो : amar ujala

    विस्तार

    सोशल इंस्टैंट मल्टीमीडिया मैसेजिंग एप व्हाट्सएप की जासूसी को लेकर बड़ा बवाल हुआ है। व्हाट्सएप ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि इसी साल मई में भारत के कुछ पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के व्हाट्सएप चैट की जासूसी हुई है। व्हाट्सएप ने इसकी जानकारी अमेरिकी कोर्ट में दी है। मुकदमे में दी गई जानकारी के मुताबिक एक इजरायली फर्म ने एक स्पाइवेयर (जासूसी वाले सॉफ्टवेयर) के जरिए भारतीय यूजर्स की जासूसी की है।

    भारत सरकार ने कंपनी से मांगा जवाब

    वहीं भारत सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस संबंध में व्हाट्सएप से जानकारी मांगी है। अभी तक सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक जिन लोगों के व्हाट्सएप की हैकिंग हुई है या जासूसी हुई है उनमें मुख्य रूप से मानवाधिकार कार्यकर्ता, वकील और पत्रकार हैं, जो आदिवासियों और दलितों के लिए अदालत में सरकार से लड़ रहे थे या उनकी बात कर रहे थे।

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    अभी तक सामने आईं रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत के 10 सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस बात की पुष्टि की है कि उनकी जासूसी हुई है। यह बात उन्होंने व्हाट्सएप के हवाले से कही है। जिन लोगों की जासूसी हुई है उनमें बेला भाटिया, भीमा कोरेगांव केस में वकील निहाल सिंह राठौड़, जगदलपुर लीगल एड ग्रुप की शालिनी गेरा, दलित एक्टिविस्ट डिग्री प्रसाद चौहान, आनंद तेलतुम्बडे, शुभ्रांशु चौधरी, दिल्ली के आशीष गुप्ता, दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर सरोज गिरी, पत्रकार सिद्धांत सिब्बल और राजीव शर्मा के नाम भी शामिल हैं।

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    इजरायल की कंपनी एनएसओ ग्रुप (NSO) पर इस हैकिंग का आरोप लगा है। खबर है कि कंपनी ने इसके लिए Pegasus नाम के स्पाईवेयर (सॉफ्टवेयर) का इस्तेमाल किया है। पिगासस सॉफ्टवेयर के जरिए दुनियाभर के करीब 1,400 लोगों को शिकार बनाया गया है। बता दें कि पिगासस सॉफ्टवेयर साल 2016 में उस समय चर्चा में आया था जब एंटी वायरस सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी फर्म kaspersky ने अपने ब्लॉग पोस्ट में कहा था कि पिगासस एक बहुत ही बड़ा जासूसी सॉफ्टवेयर है और इसकी मदद से आईफोन-आईपैड से लेकर किसी भी एंड्रॉयड फोन को हैक किया जा सकता है।

    इस सॉफ्टवेयर के जरिए किसी भी फोन पर 24 घंटे नजर रखी जा सकती है। खास बात यह है यूजर्स को इसकी भनक भी नहीं लगती कि उसके फोन में कोई जासूसी एप या सॉफ्टवेयर है। पिगासस सॉफ्टवेयर के जरिए किसी भी फोन को पूरी तरह से कब्जे में लिया जा सकता है। इस सॉफ्टवेयर के जरिए जासूसी करने के लिए लोगों को वीडियो कॉल किए गए।

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