व्हाट्सएप पर नया खतरा: पहचान वालों के मैसेज से खाली हो सकता है बैंक खाता, एक्सपर्ट्स की चेतावनी; कैसे बचें आप?

जागृति शुक्ला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीजागृति शुक्ला
Tue, 15 Sep 2026 04:43 PM IST
सार

साइबर सुरक्षा फर्म ने व्हाट्सएप के जरिए तेजी से फैल रहे एक खतरनाक मैलवेयर कैंपेन को लेकर गंभीर अलर्ट जारी किया है। हैकर्स अब अंजान नंबर्स से ही नहीं, बल्कि जान-पहचान वालों के हैक किए गए व्हाट्सएप अकाउंट्स से फर्जी फाइल्स भेजकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। आइए जानते हैं कि हैकर्स लोगों को कैसे चकमा दे रहे हैं और इससे कैसे बचा जा सकते हैं।

WhatsApp Malware Alert, Cybercriminals Target Accountants, Finance Teams With Malicious Files
व्हाट्सएप पर फैल रहा नया स्कैम - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    व्हाट्सएप धीरे-धीरे साइबर अपराधियों के लिए ठगी का नया और पसंदीदा जरिया बनता जा रहा है। साइबर सिक्योरिटी फर्म क्विक हील टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि हैकर्स मुख्य रूप से वित्त टीमों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, वरिष्ठ अधिकारियों और बिजनेस यूजर्स को निशाना बना रहे हैं। इस साइबर हमले की सबसे खतरनाक बात यह है कि यह किसी अनजान नंबर से नहीं, बल्कि आपके किसी दोस्त, सहयोगी या बिजनेस पार्टनर के हैक किए गए अकाउंट से फैल रहा है।

    कैसे काम करता है हैकर्स का यह खतरनाक नेटवर्क?

    क्विक हील की रिसर्च विंग सेक्वाइट लैब्स की ओर से जांच में हैकर्स ने नए पैटर्न का खुलासा किया है।

    • भरोसे का फायदा:जब हैकर्स किसी का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लेते हैं, तो वे उस अकाउंट में मौजूद कॉन्टैक्ट्स को फर्जी और नुकसानदायक फाइल्स भेजते हैं। जब यह मैसेज लोगों तक पहुंचता है और जान-पहचान का होता है, तो लोग बिना सोचे-समझे अटैचमेंट खोल लेते हैं।
    • असली जैसे दिखने वाले फाइलनेम:हैकर्स लोगों में हड़बड़ी पैदा करने के लिए फाइनेंशियल रिपोर्ट, आउटस्टैंडिंग पेमेंट लिस्ट, डेट कंफर्मेशन और अकाउंट स्टेटमेंट जैसे नाम से फाइलें भेजते हैं।
    • सरकारी एजेंसियों के फर्जी दस्तावेज: कुछ मामलों में ये फाइलें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के आधिकारिक नोटिस जैसी दिखाई देती हैं।

    लोगों को कैसे चकमा दे रहे हैकर्स?

    हैकर्स पीड़ितों के डिवाइस पर स्थायी पकड़ बनाने के लिए लगातार नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं:

    • वीबीएस और जिप फाइल्स: शुरुआती दौर में सीधे व्हाट्सएप के जरिए दुर्भावनापूर्ण विजुअल स्क्रिप्ट (.vbs) फाइल्स भेजी जा रही थीं। अब हैकर्स जिप आर्काइव फाइल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।
    • डीएलएल साइडलोडिंग: हैकर्स जिप फाइल के अंदर एक सामान्य दिखने वाले प्रोग्राम का इस्तेमाल करके हानिकारक कोड को बैकग्राउंड में चला देते हैं।
    • खुद-ब-खुद फैलने वाला मैलवेयर:जैसे ही कोई सिस्टम प्रभावित होता है, मैलवेयर उस सिस्टम पर चल रहे व्हाट्सएप वेब सेशंस का इस्तेमाल करता है। इसके बाद वह बिना यूजर की जानकारी के, पीड़ित के सभी कॉन्टैक्ट्स को वही खतरनाक फाइल अपने आप फॉरवर्ड कर देता है।

    बचाव के लिए क्विक हील की जरूरी सलाह

    • अटैचमेंट खोलने से पहले पुष्टि करें:किसी भी परिचित या दोस्त की ओर से भेजी गई बिन मांगी या अनपेक्षित फाइल को सीधे न खोलें। फाइल डाउनलोड करने से पहले उस व्यक्ति को कॉल या दूसरे माध्यम से मैसेज करके पुष्टि जरूर करें।
    • सस्पिशियस फाइल्स से बचें:.vbs, .exe या अनजान जिप फाइल्स को डाउनलोड करने से बचें।
    • सिक्योरिटी अपडेट रखें: अपने सिस्टम और व्हाट्सएप को हमेशा लेटेस्ट सुरक्षा पैच के साथ अपडेट रखें।
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