ChatGPT vs Bing Chat: चैटजीपीटी बनाम बिंग चैट में क्या है अंतर, किसका उपयोग है फायदे का सौदा? जानें सभी डिटेल

विशाल मैथिल
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीविशाल मैथिल
Fri, 03 Mar 2023 08:30 PM IST
सार

ChatGPT और Bing Chat जेनेरेटिव एआई के उदाहरण हैं, जिसका अर्थ है कि उनके पास बिल्कुल नया टेक्सट बनाने की क्षमता है जो पहले कभी नहीं लिखा गया। ऐसे में आपको डाटा की विश्वसनीयता चेक करने में समस्या आ सकती है।

विज्ञापन
What is the difference between ChatGPT vs Bing Chat which one is best Know all the details
ChatGPT vs Bing Chat - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    चैटजीपीटी और बिंग चैट जैसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट तकनीक आजकल टेक इंडस्ट्री का मुख्य फोकस बन गए हैं। आपने एआई चैटबॉट का शायरी निबंध, कविताएं और यहां तक कि कंप्यूटर कोड लिखने की उनकी क्षमता के बारे में पहले ही सुना होगा। इसके अलावा ये एआई टूल जटिल विषयों को सरल भी बना सकते हैं और पूरी किताब को भी सारांशित कर सकते हैं। भले ही दोनों एक समान दिखते हों, लेकिन चैटजीपीटी और बिंग चैट में कई असमानताएं भी हैं। यदि आप भी इन दोनों एआई चैटबॉट के बारे में जानना चाहते हैं तो यह रिपोर्ट आपके लिए है। इस रिपोर्ट में हम आपको चैटजीपीटी बनाम बिंग चैट के बारे में बताएंगे।

    चैटजीपीटी और बिंग चैट जेनेरेटिव एआई के उदाहरण हैं, जिसका अर्थ है कि उनके पास बिल्कुल नया टेक्सट बनाने की क्षमता है जो पहले कभी नहीं लिखा गया। स्वाभाविक रूप से इस प्रकार की एआई तकनीक केवल तभी उपयोगी होती है जब यह सटीक जानकारी प्रदान कर सके। यहां यह जानना जरूरी है कि यह कैसे काम करता है?

    विज्ञापन

    संक्षेप में कहें तो दोनों सैन फ्रांसिस्को स्थित स्टार्टअप OpenAI द्वारा विकसित एक बड़े भाषा मॉडल पर निर्भर हैं। GPT-3 नाम के इस एआई मॉडल को इंटरनेट से एकत्रित किए गए अरबों टेक्स्ट सैंपल के साथ ट्रेंड किया गया है। इसका मतलब है कि दोनों चैटबॉट्स में ऐसा टेक्स्ट जनरेट करने की क्षमता है, जो ऐसा लगता है कि इसे किसी इंसान ने ही लिखा है। यानी एआई द्वारा लिखे टेक्स्ट और किसी इंसान द्वारा लिए टेक्स्ट में फर्क करना काफी मुश्किल है।

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    चैटजीपीटी के मामले में बिंग एआई भी एक कदम आगे है क्योंकि यह रियल टाइम में जानकारी के लिए इंटरनेट पर सर्च कर सकता है। यानी यह दोधारी तलवार है क्योंकि कोई भी गलत सूचना मिलने पर प्रतिक्रिया में गलती हो सकती है। हालांकि, ज्यादातर मामलों में बिंग चैट प्रत्येक प्रतिक्रिया के नीचे अपने स्रोतों का हवाला देता है। जबकि चैटजीपीटी के मामले में ऐसा नहीं है।

    ऐसे में आपको डाटा की विश्वसनीयता चेक करने में समस्या आ सकती है। ऐसे कई उदाहरण हमें देखने मिले हैं, जिसमें एआई की जानकारी सही नहीं थी लेकिन चैटबॉट अपनी बात पर अड़े हुए थे। कई बार यूजर्स और एआई चैटबॉट की बहस तक के मामले सामने आए हैं। वहीं चैटबॉट कई सवालों के गलत जवाब भी दे रहे हैं। ऐसे में जानकारी के स्रोतों का हवाला देना सही ऑप्शन है।

    और पढ़ें...
    Login or Signup
    अपना शहर चुनें