Ethical Hacking: भारत में एथिकल हैकर बनने के लिए क्या करना होगा, क्या है इसका भविष्य?
एथिकल हैकर को सरकार भी काम पर रखती है और डिजिटल दुनिया में एथिकल हैकर की जरूरत तो हर पल होने वाली है। कोरोना महामारी के दौरान साइबर अटैक में काफी इजाफा देखने को मिला है।

विस्तार
भारत में एथिकल हैकिंंग काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। कई भारतीय एथिकल हैकर ऐसे हैं जिन्होंने गूगल, फेसबुक, माइक्रोसॉफ्ट, ट्विटर और उबर जैसी कंपनियों को अपना लोहा मनवा दिया है। एथिकल हैकिंग शुरुआत से ही एक क्रेज भरा क्षेत्र रहा है, लेकिन यह जितना आसान लगता है, उतना है नहीं। हैकिंग के लिए बकायदा आपको पढ़ाई करनी होती है और उसके बाद आप अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं। एथिकल हैकर को सरकार भी काम पर रखती है और डिजिटल दुनिया में एथिकल हैकर की जरूरत तो हर पल होने वाली है। कोरोना महामारी के दौरान साइबर अटैक में काफी इजाफा देखने को मिला है और साइबर अटैक तभी संभव होता है जब सिस्टम में कोई लूप (खामी) होती है। इन्हीं खामियों के बारे में अटैक से पहले पता लगाने वालेे हैकर्स एथिकल हैकर्स कहलाते हैं। भारत में एथिकल हैकिंग और इसके भविष्य को लेकरअमर उजालानेजेटकिंगइंफोट्रेन के सीईओ और प्रबंध निदेशकहर्ष भरवानीसे बात की है। आइए जानते हैं भारत में एथिकल हैकिंग में करियर और संभावनाओं के बारे में...
एथिकल हैकिंग एक जिम्मेदार प्रोफेशन है जिसका उद्देश्य अच्छे इरादे से हैकिंग का इस्तेमाल करके दूसरों की मदद करना है। आज कंप्यूटर, मोबाइल, टैब आदि जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में मौजूद डाटा की सुरक्षा के लिए अत्यधिक आवश्यकता है। ऐसे में एथिकल हैकिंग एक बड़ा हथियार और करियर है। सर्टिफाइड एथिकल हैकर बनने के लिए कुछ प्रमुख स्किल्स सिखने की जरूरत होती है। एथिकल हैकर बनने के लिए कोई शॉर्टकट नहीं है। एथिकल हैकर बनने के लिए आपके पास कंप्यूटर साइंस, आयटी, गणित आदि में डिग्री का होना जरूरी है। इसके अलावा आप में किसी समस्या का समाधान करने का कौशल, दबाव में काम करने की क्षमता, सीखने का रवैया, बुनियादी तकनीकी और प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जैसे जावा, सी ++, एचटीएमएल, पायथन की जानकारी का होना शामिल है। इसके अलावा आपको प्रोग्रामिंग और ऑपरेटिंग स्किल्स जैसे विंडोज, लिनक्स, आईओएस, आदि में अच्छा होना चाहिए। कोडिंग लैंग्वेज, कमांड आदि को समझने में दिक्कत ना हो। एक एथिकल हैकर को नेटवर्किंग और साइबर सिक्योरिटी में पारंगत होना चाहिए। एथिकल हैकर को फायरवॉल, पेनेट्रेशन टेस्ट, क्रिप्टोग्राफी, वीपीएन जैसे नेटवर्क आदि की जानकारी होनी चाहिए।
एथिकल हैकिंग साइबर सिक्योरिटी का ही एक हिस्सा है। यह एक ऐसा प्रोफेशन है जिसे इंटरनेट और अन्य सोर्स के जरिए आने वाले खतरों की पहचानने की क्षमता होनी चाहिए। एक प्रमाणित साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट बनने के लिए आपमें नीचे दी गई स्किल्स की जरूरत होगी।
- सिस्टम एडमिनिस्ट्रेशन
- नेटवर्किंग, राउटर, फायरवॉल आदि का जानकारी
- विभिन्न ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे विंडोज, लिनक्स, यूनिक्स, मैक ओएस आदि की जानकारी
- पेनेट्रेशन टेस्टिंग, सिक्युरिटी रिसर्च, मालवेयर रिसर्च, डाटा एनालिसिस की जानकारी
- नेटवर्क सिक्युरिटी, कोडिंग कौशल- जावा, सी++, एचटीएमएल, जावा स्क्रिप्ट आदि की जानकारी
- क्लाउड सिक्योरिटी, इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी, सुरक्षा ऑडिट का ज्ञान
एथिकल हैकिंग में करियर बनाने के लिए सर्टिफिकेशन
- साइबर सिक्योरिटी सर्टिफिकेशन
- सर्टिफाइड एथिकल हैकर (सीईएच)
- सिस्को सर्टिफाइड नेटवर्क एसोसिएट (सीसीएनए)
- सूचना और साइबर सुरक्षा सर्टिफिकेशन
- क्लाउड सुरक्षा प्रोफेशनल
- साइबर सिक्योर्टी में पीजी डिप्लोमा
- क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सिक्योरिटी सर्टिफिकेशन
एथिकल हैकिंग के बाद करियर
- साइबर सिक्योरिटी एनालिस्ट
- साइबर सिक्योरिटी सलाहकार
- साइबर सिक्योरिटी मैनेजर/एडमिनिस्ट्रेटर
- सॉफ्टवेयर डेवलपर
- सिस्टम इंजीनियर