Air India Flight Crash: क्या होता है 'ब्लैक बॉक्स', फ्लाइट क्रैश होने के बाद भी क्यों नहीं होता नष्ट?

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Thu, 12 Jun 2025 05:59 PM IST
सार

Plane Crash Black Box:

विमान हादसे के बाद जांच एजेंसियां सबसे पहले ब्लैक बॉक्स की तलाश करती हैं। आइए जानते हैं ब्लैक बॉक्स विमान हादसे का कारण पता लगाने में कैसे मदद करता है और भयानक हादसे के बाद भी यह क्यों नष्ट नहीं होता।

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प्लेन क्रैश (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : AI

    विस्तार

    गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार को दिल दहला देने वाला विमान हादसा हुआ। यह फ्लाइट अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भर रही थी। उड़ान भरने के केवल 5 मिनट बाद विमान क्रैश हो गया। इस फ्लाइट में 242 लोग सवार थे। अब जांच एजेंसिया विमान के ब्लैक बॉक्स की तलाश कर हादसे से जुड़ी अहम जानकारियां जुटा सकती हैं। इसी बीच जानते हैं ब्लैक बॉक्स क्या होता है और हादसे के बाद भी यह नष्ट होने से कैसे बच जाता है।

    ब्लैक बॉक्स (Black Box) विमान में लगा एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होता है, जो किसी भी उड़ान के दौरान विमान से जुड़ी अहम जानकारियों को रिकॉर्ड करता है। फ्लाइट क्रैश के बाद इसी डिवाइस की मदद से जांच एजेंसियां दुर्घटना के कारणों का पता लगाती हैं।

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    ब्लैक बॉक्स (सांकेतिक तस्वीर)
    ब्लैक बॉक्स (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : AI

    ब्लैक बॉक्स क्या करता है?

    विमान में दो मुख्य प्रकार के ब्लैक बॉक्स होते हैं, फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर। फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर विमान की स्पीड, ऊंचाई, दिशा, इंजन परफॉर्मेंस, ऑटो-पायलट स्टेटस, रडार सिस्टम जैसी लगभग 25,000 तरह की तकनीकी जानकारियों को रिकॉर्ड करता है। वहीं, कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर पायलट और को-पायलट के बीच बातचीत, कॉकपिट के अलार्म, कंट्रोल टॉवर से संवाद, और किसी भी तरह की आवाजों को रिकॉर्ड करता है।

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    हादसे की वजह तलाशने में करता है मदद

    जब कोई विमान दुर्घटनाग्रस्त होता है, तो जांच एजेंसियों की पहली प्राथमिकता ब्लैक बॉक्स को ढूंढना होता है। यह इसलिए क्योंकि ब्लैकबॉक्स की रिकॉर्डिंग शुरूआत से ही जांच पड़ताल के लिए जरूरी होती है और इससे कई अमह जानकारियां जुटाई जा सकती हैं।

    इससे यह आखिरी कुछ घंटों की उड़ान की जानकारी निकाली जा सकती है। पायलट ने दुर्घटना से पहले क्या बोला, क्या फैसले लिए यह सब रिकॉर्ड रहता है। यह तकनीकी खराबी, मानव भूल या बाहरी कारणों जैसे खराब मौसम, बर्ड हिट आदि की पुष्टि में मदद करता है।

    सांकेतिक तस्वीर
    सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

    क्यों नष्ट नहीं होता ब्लैक बॉक्स

    नहीं, ब्लैक बॉक्स को खास "क्रैश प्रूफ" तकनीक से बनाया जाता है। यह 1100°C तापमान और 3400 G तक के झटके सह सकता है। यह 30 दिन तक पानी में डूबे रहने के बाद भी डाटा सुरक्षित रख सकता है। इसमें एक अंडरवाटर लोकेटर बीकन भी होता है, जो पानी में गिरने पर सिग्नल भेजता है। इसलिए, विमान दुर्घटना के बाद ब्लैक बॉक्स का नष्ट होना लगभग नामुमकिन है।

    ब्लैक बॉक्स का रंग काला क्यों नहीं होता?

    असल में, ब्लैक बॉक्स का रंग नारंगी (bright orange) होता है, ताकि हादसे के बाद मलबे में इसे आसानी से ढूंढा जा सके। इसे ‘ब्लैक बॉक्स’ सिर्फ नाम के तौर पर कहा जाता है।

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