वैलेंटाइन स्पेशल: वॉशरूम के बाहर शुरू हुई थी जकरबर्ग की लव स्टोरी

मार्क जकरबर्ग और प्रिसिला चैन की पहली मुलाकात 2003 में एक पार्टी में हुई। यह पार्टी मार्क के भाई ने रखी थी। इसमें सबसे मजेदार बात तो ये है कि उनकी मुलाकात उस जगह पर हुई जहां शायद किसी ने कभी उम्मीद भी नहीं की होगी। जी हां, इनकी पहली मुलाकात वाशरूम के लिए लगी लाइन से शुरू हुई। उस वक्त प्रिसिला बोस्टन विश्वविद्यालय के द्वितीय वर्ष की छात्र थी।
इस पहली मुलाकात के बाद ही दोनों से दिल एक-दूसरे के लिए धड़कने लगे। फिर दोनों की बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ और लेकिन हारवर्ड विश्वविद्यालय में आने के बाद दोनों ने डेटिंग शुरू कर दी। इस दौर में प्रिसिला मार्क को अच्छी तरह समझने लगी थी।
कुछ समय बाद मार्क ने अपने जीवन का सबसे अहम फैसला किया। उन्होंने अपनी कंपनी चलाने के लिए विश्वविद्यालय की पढ़ाई छोड़ दी। यह वही कंपनी है जिसे आप आज 'फेसबुक' के नाम से जानते हैं।
दूरियों के बंधन को खत्म कर देता है सच्चा प्यार

यह तो सब जानते हैं कि जब प्यार सच्चा होता है तो उसके लिए दूरियां मायने नहीं रखती। कुछ ऐसा ही मार्क और प्रिसिला के साथ भी था। मार्क के हारवर्ड छोड़ने के बाद भी प्रिसिला उनके साथ खड़ी रही। मार्क अपने काम को ज्यादा महत्व देते हैं इसके लिए वह कड़ी मेहनत भी करते है।
इसी वजह वह प्रिसिला को उतना समय नहीं दे पाते थे जितना देना चाहिए। हालांकि प्रिसिला ने कभी इन दूरियों को अपने बीच में नहीं आने दिया। प्रिसिला मार्क से उस वक्त जुड़ी थी जब मार्क कुछ नहीं थे। कुछ ही सालों बाद मार्क की कंपनी चल पड़ी। मार्क और उनकी कंपनी जबरदस्त फायदा कमाने लगी और वो कुछ ही सालों में करोड़पति बन गए। लेकिन नाम और पैसा कभी इन दोनों के प्यार के बीच नहीं आ पाया।
प्रिसिला की बात करें तो वो खुद बाल चिकित्सा की विशेषज्ञ है और सबसे पहले उन्होंने ही मार्क को फेसबुक पर 'अंग दान' का प्रचार करने के लिए प्रेरित किया। सबसे बड़ी बात तो यह कि प्रिसिला ही वो पहली महिला थी जो 5 फरवरी 2005 में पहली फेसबुक यूजर बनीं। उनका प्यार इतना मजबूत था कि जब मार्क कैलिफोर्निया चले आए तो प्रिसिला भी उनके पीछे वहां चली आईं और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में मेडिकल की पढ़ाई करने लगीं।
100 मिनट का नियम

अगर आप मार्क और प्रिसिला के फेसबुक पोस्ट को देखेंगे तो पाएंगे कि ये दोनों हमेशा अपनी दूरियों को कम करने के लिए फेसबुक का भी सहारा लेते रहे हैं। इसके अलावा अपने जीवन के कई महत्वपूर्ण पलों को भी इन्होंने फेसबुक पर साझा किया। चाहे वह प्रिसिला के ग्रेजुएट होने की बात हो या फिर किसी यात्रा की। घर में किसी नए मेहमान के आने कि या फिर किसी पार्टी में शामिल होने की।
जब वे दोनों रिलेशन में आए तो प्रिसिला ने भी अन्य महिलाओँ की तरह मार्क की बागडोर अपने हाथ में संभाल ली। चूंकि मार्क अपने काम में ज्यादा व्यस्त रहते हैं इसलिए प्रिसिला ने मार्क के लिए कुछ कड़े नियम बनाए। इसमें जो नियम सबसे ऊपर थे उनमें एक-दूसरे के लिए कम-से-कम 100 मिनट (फेसबुक को छोड़कर) का समय निकालने और हफ्ते में एक रात की डेट शामिल थे।
मार्क चाहकर भी इन नियमों को नजरअंदाज नहीं कर सकते थे क्योंकि थोड़े समय बाद ही प्रिसिला उनके साथ रहने आ गई। मार्क भी अपने जीवन से जुड़ी अहम जानकारियों को साझा करने के लिए फेसबुक का ही इस्तेमाल करते हैं। इसका पता इसी बात से चलता है कि जब प्रिसिला उनके साथ रहने आई तो उन्होंने एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी जिसमें उन्होंने लिखा था 'इस सप्ताह प्रिसिला चैन रहने आ रही हैं।'
प्रिसिला से शादी और घर में आई नन्ही परी

दोनों का प्यार केवल परवान ही नहीं चढ़ा उन्होंने इस शादी जैसे पवित्र बंधन में बांधकर एक नई पहचान भी दी। इन दोनों ने मई 2012 में शादी भी कर ली और इनका प्यार बदस्तूर जारी रहा। करीब दो साल बाद नवंबर 2014 में मार्क ने एक पोस्ट किया जिसमें लिखा था 'मैं आज से ठीक 11 साल पहले एक अद्भुत लड़की से मिला था। प्रिसिला, मुझे जमीन से जोड़े रखने के लिए धन्यवाद।'
अपने जीवन से जुड़ी हर छोटी बड़ी बातों को साझा करने में मार्क काफी आगे हैं। यही कारण है कि जब उनके घर एक नया मेहमान आने वाला था तो उन्होंने एक पोस्ट भी किया। मार्क ने अपने पोस्ट में लिखा 'प्रिसिला और मेरे पास एक खास खबर है। हम एक बच्ची की उम्मीद कर रहे हैं। प्रिसिला और हमारा बच्चा दोनों स्वस्थ्य हैं, मैं उससे मिलने के लिए बेहद उत्साहित हूं और मेरे कुत्ते बीस्ट को यह नहीं पता कि क्या आ रहा है?'
नवंबर 2015 को मार्क और प्रिसिला का प्यार एक नन्ही बच्ची के रूप में दुनिया का सामने आया। इस दौरान मार्क ने अपने बेटी के नाम एक खत भी लिखा जिसमें उन्होंने अपनी और प्रिसिला की भावनाओं को व्यक्त किया था। मार्क घर में नए मेहमान के आने से इतने खुश थे कि उन्होंने अपनी बेटी के लिए पूरी दुनिया को संवारने का बेड़ा उठा लिया। इसके लिए उन्होंने 'चैन जकरबर्ग इनिशिएटिव' नाम से एक संस्था बनाई जिसमें उन्होंने अपनी कमाई का 99 फीसदी पैसा दान कर दिया।