US Visa: अमेरिका में एंट्री चाहिए तो दिखाना होगा सोशल मीडिया हैंडल, जानकारी छिपाई तो वीजा हो सकता है रिजेक्ट

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Thu, 26 Jun 2025 03:06 PM IST
सार

अमेरिका जाने का सपना देख रहे लोगों के लिए जरूरी सूचना है। अब वीजा फॉर्म में पिछले पांच वर्षों के सोशल मीडिया हैंडल की जानकारी देना अनिवार्य हो गया है। जानकारी छिपाने पर वीजा रिजेक्शन और भविष्य में प्रतिबंध झेलना पड़ सकता है।

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Us visa application social media handles verification rules
अमेरिकन वीजा - फोटो : Adobe Stock

    विस्तार

    अमेरिका ने वीजा सुरक्षा प्रक्रिया को और सख्त करते हुए एक नया नियम लागू किया है, जिसके तहत वीजा के लिए आवेदन करने वालों को अब अपने पिछले पांच वर्षों के सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के यूजरनेम या हैंडल्स बताने होंगे।

    अमेरिकी दूतावास ने गुरुवार को इस बाबत जानकारी साझा करते हुए कहा कि यदि कोई आवेदक सोशल मीडिया की जानकारी छुपाता है, तो उसका वीजा न सिर्फ रिजेक्ट हो सकता है बल्कि भविष्य में भी वीजा के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है।

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    सोशल मीडिया अकाउंट करना होगा पब्लिक

    दूतावास ने अपने आधिकारिक 'X' (पहले ट्विटर) अकाउंट पर कहा, "वीजा आवेदकों को DS-160 फॉर्म में पिछले पांच वर्षों के सोशल मीडिया हैंडल्स बताने होंगे। आवेदन करने से पहले वे यह प्रमाणित करते हैं कि दी गई जानकारी सत्य और पूर्ण है।"

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    23 जून को अमेरिकी दूतावास ने F, M और J कैटेगरी (स्टूडेंट व एक्सचेंज वीजा) के आवेदकों से यह भी कहा कि वे अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स को ‘पब्लिक’ रखें, ताकि उनकी पहचान और पात्रता की जांच सही तरीके से हो सके।

    वीजा नियम
    वीजा नियम - फोटो : एएनआई

    2019 से लागू है सोशल मीडिया आइडेंटिफायर का नियम

    दूतावास ने यह भी बताया कि साल 2019 से ही अमेरिका में वीजा फॉर्म भरने वाले आवेदकों को अपने सोशल मीडिया पहचान देना अनिवार्य कर दिया गया है। गुरुवार को दूतावास ने इस जानकारी के साथ दो डिजिटल पोस्टर भी साझा किए, जिनमें कहा गया कि “हर अमेरिकी वीजा निर्णय एक राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला होता है।”

    अवैध प्रवासियों पर सख्ती

    यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब हाल ही में लॉस एंजेलिस में अमेरिका ने प्रवासी कानूनों का सख्ती से पालन शुरू किया है। 24 जून को एक बयान में दूतावास ने कहा था कि अमेरिका में अवैध तरीके से प्रवेश करने वालों को जेल और डिपोर्टेशन की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

    19 जून को दिए बयान में दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया था कि अमेरिका का वीजा एक "अधिकार नहीं, बल्कि विशेषाधिकार" है और इसे मिलने के बाद भी निगरानी जारी रहती है। इससे पहले 16 जून को अमेरिकी दूतावास ने चेतावनी दी थी कि जो लोग अवैध या सामूहिक आव्रजन को बढ़ावा देते हैं, उनके खिलाफ भी वीजा प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं।

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