एआई के नाम पर बना डाला 'दैत्य': टेक कंपनियों पर बरसे जेडी वेंस, कहा- पहले खतरा पैदा किया, अब मांग रहे मदद
JD Vance On AI:
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) बनाने वाली कंपनियों को कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने कहा कि टेक कंपनियां खुद 'फ्रेंकस्टीन' जैसी खतरनाक तकनीक का निर्माण कर रही हैं और फिर उससे बचने के लिए सरकार से वैश्विक नियमों की मांग कर रही हैं, जो पूरी तरह से गलत रवैया है।

विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के खतरों से सुरक्षा को लेकर पूरी दुनिया में बहस छिड़ी हुई है। हाल ही के दिनों में एंथ्रोपिक, ओपनएआई, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी कंपनियों के लीडर्स ने सार्वजनिक मंचों से एआई के तेज विकास की रफ्तार को खतरा बताते हुए इस पर लगाम लगाने की अपील की। वहीं, इन टेक दिग्गजों का मानना है कि सरकार को भी एआई से सुरक्षा के लिए नए कानून लाने चाहिए।
अब इस मुद्दे पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों और उनके लीडर्स को आईना दिखाया है। जेडी वेंस ने एआई डेवलपर्स की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि एक तरफ ये कंपनियां लगातार अत्याधुनिक और संभावित रूप से खतरनाक सिस्टम बना रहे हैं, और दूसरी तरफ उनसे बचने के लिए सरकार से वैश्विक नियम लागू करने की गुहार लगा रहे हैं।
जेडी वेंस ने एआई को क्यों बताया 'फ्रेंकस्टीन'?
- मशहूर व्यापारिक और तकनीकी कार्यक्रम 'ऑल-इन पॉडकास्ट' पर बोलते हुए उपराष्ट्रपति ने कंपनियों के इस दोहरे रवैये पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग आज एआई अर्थव्यवस्था के चरम पर बैठे हैं, वे अचानक अपने हाथ क्यों खड़े कर रहे हैं? जेडी वेंस ने कहा कि ये कंपनियां पहले एक 'फ्रेंकस्टीन' जैसा खतरनाक दैत्य बना लेती हैं और फिर कहती हैं कि इसका समाधान एआई के लिए एक वैश्विक शासन संरचना बनाना है।
- उन्होंने टेक दिग्गजों को सख्त लहजे में हिदायत दी कि यदि वे कोई फ्रेंकस्टीन बना रहे हैं, तो उन्हें तुरंत रुक जाना चाहिए। और अगर यह तकनीक अब उनके नियंत्रण से बाहर हो चुकी है, तो सरकार की ओर देखने के बजाय उन्हें खुद इसके खिलाफ सुरक्षात्मक तंत्र विकसित करना चाहिए।
खतरा खुद पैदा किया, अब रोक रहे सुरक्षा के रास्ते
- अपनी बात को और गहराई से समझाते हुए उन्होंने एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई का जिक्र किया। जेडी वेंस ने माना कि डारियो अमोदेई की चिंताएं सच्ची हो सकती हैं और वे वास्तव में इस तकनीक के खतरों को लेकर गंभीर हैं। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है।
- उन्होंने बताया कि एंथ्रोपिक के नए एआई मॉडल से साइबर हैकिंग के ऐसे उपकरण सामने आ रहे हैं जो बेहद खतरनाक हैं। जब दूसरी कंपनियां इन साइबर हमलों से खुद को बचाने के लिए सुरक्षा उपकरणों की मांग करती हैं, तो उन्हें उन तक पहुंच ही नहीं दी जाती। यह स्थिति उद्योग की जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े करती है।
दिग्गजों की मांग पर तीखा प्रहार
- यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब एंथ्रोपिक के प्रमुख डारियो अमोदेई ने सार्वजनिक रूप से एआई के विकास को धीमा करने की वकालत की। उनके इस रुख का ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन, माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला और गूगल से डेमिस हसाबिस जैसे दिग्गजों ने भी खुला समर्थन किया था।
- इसके अलावा हाल ही में एंथ्रोपिक के एक शोधकर्ता जैकब कॉक्सन ने भी यह कहते हुए इंडस्ट्री छोड़ दी थी कि कंपनियां बेकाबू सिस्टम बनाने की अंधी दौड़ में शामिल हो गई हैं। जेडी वेंस का यह कड़ा बयान इस पूरी बहस को एक नया मोड़ देता है, जिसमें सरकार के बजाय कॉर्पोरेट जिम्मेदारी को सबसे ऊपर रखा गया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने एआई से खतरे की आशंकाओं को नकारा
- लॉस एंजिल्स में आयोजित ऑल-इन समिट के दौरान जेन्सन हुआंग एक चर्चा में हिस्सा ले रहे थे। इसी बीच उन्हें डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया। हुआंग ने फोन को स्पीकर पर डाल दिया, जिससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने राष्ट्रपति की पूरी बातचीत सुनी। ट्रंप ने बातचीत के दौरान कहा कि एआई की वजह से रोबोट दुनिया पर कब्जा कर लेंगे या मानवता के लिए बड़ा खतरा पैदा होगा, ऐसी आशंकाओं को जरूरत से ज्यादा बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने एआई को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताओं को सीधे तौर पर खारिज किया।
- ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को एआई के विकास और इनोवेशन में चीन से आगे रहना होगा। उनके मुताबिक, एआई की रफ्तार रोकने की कोशिशें अमेरिका के हित में नहीं हैं और इससे उन लोगों या देशों को फायदा हो सकता है जो अमेरिकी तकनीकी बढ़त को कमजोर करना चाहते हैं। ट्रंप ने चीन की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस रेस में यदि हम धीमे पड़े तो चीन हमसे आगे निकल जाएगा।
- उन्होंने यहां तक कहा कि एआई के खिलाफ माहौल बनाने वाली कोशिशें राजनीतिक ताकतों के हित में भी हो सकती हैं। ट्रंप का मानना है कि अमेरिका को इस तकनीकी दौड़ में अपनी बढ़त बरकरार रखनी चाहिए।
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