अमेरिकी व्यापार आयोग ने कैंब्रिज एनालिटिका पर ठोका मुकदमा, फेसबुक यूजर्स के साथ धोखाधड़ी का आरोप

अमेरिकी व्यापार आयोग ने कैंब्रिज एनालिटिका के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दायर किया है। कैंब्रिज पर फेसबुक यूजर्स को धोखा देने और उनका डाटा चोरी करने का आरोप है। यहां ध्यान देने वाली बात यह कि कैंब्रिज एनालिटिका पर यह मुकदमा बुधवार को ही फेसबुक पर 5 अरब डॉलर यानी करीब 34 हजार करोड़ रुपये के जुर्माने के बाद लगा है। फेसबुक यह जुर्माना देने के लिए तैयार भी हो गया है।
फेसबुक पर यह जुर्माना संघीय व्यापार आयोग ने लगाया है। ग्राहकों की निजता को लेकर किसी भी टेक्नोलॉजी कंपनी पर लगने वाला सबसे बड़ा जुर्माना है। बता दें कि कैंब्रिज एनालिटिका पर फेसबुक के 87 मिलियन यानी 8.7 करोड़ यूजर्स के निजी डाटा का दुनियाभार में चुनाव प्रचार में इस्तेमाल करने का आरोप है। पांच अरब डॉलर के जुर्माने के भुगतान के अतिरिक्त फेसबुक ने खुद को नए प्रतिबंधों के लिए प्रस्तुत रहने के लिए सहमति व्यक्त की है।
फेडरल ट्रेड कमिशन (FTC) ने बुधवार को कैंब्रिज एनालिटिका के पूर्व सीईओ अलेक्जेंडर निक्स और एप डेवलपर ब्रायन कोगन पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन लोगों ने फेसबुक यूजर्स को धोखे में रखकर उनका डाटा एकत्र किया। कमिशन ने आरोप लगाया कि डाटा लेने के लिए इन लोगों ने सर्वे का सहारा लिया।
गौरतलब है कि कैंब्रिज एनालिटिका ने दिवालियापन के लिए आवेदन किया है, लेकिन कंपनी ने अभी तक एफटीसी के आरोपों का निपटारा नहीं किया है। कोगन जीएसआरएपीपी नामक एक फेसबुक एप्लिकेशन के डेवलपर हैं जिसे इस नॉइजोरिडिजिटलाइफ एप के रूप में भी जाना जाता है। GSRApp एप फेसबुक यूजर्स से कुछ निजी सवाल पूछता है। जिसमें यूजर द्वारा लाइक्स किए गए फेसबुक की भी जानकरी होती है। साथ ही यूजर्स के दोस्तों के सोशल अकाउंट्स के बारे में भी जानकारी ली जाती है।