Cyber Crime: CBI ने किया अंतरराष्ट्रीय साइबरक्राइम नेटवर्क का भंडाफोड़, अमेरिकी दूतावास ने कहा थैंक्यू
अमेरिका ने भारत की जांच एजेंसी CBI का धन्यवाद किया है। जांच एजेंसी ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय साइबरक्राइम नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जो अमेरिकी नागरिकों को ठगने का काम कर रहा था। इसके अलावा इस नेटवर्क से जुड़े एक मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया है।

विस्तार
अमेरिका ने भारत की जांच एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) का धन्यवाद किया है। वजह यह है कि CBI ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय साइबरक्राइम नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जो अमेरिकी नागरिकों को ठगने का काम कर रहा था।
क्या कहा अमेरिकी दूतावास ने?
अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा कि CBI ने एक अवैध कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। यह कॉल सेंटर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बना रहा था। इसके अलावा इस नेटवर्क से जुड़े एक मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है। दूतावास ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका की एजेंसियां मिलकर साइबर क्राइम रोकने, भविष्य में होने वाले घोटालों को थामने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए साथ काम कर रही हैं। पोस्ट में लिखा गया "आपके निरंतर सहयोग के लिए धन्यवाद, @CBIHeadquarters"
पकड़ा गया 1 साल से फरार आरोपी
सीबीआई ने बताया कि पिछले हफ्ते लखनऊ से विकास कुमार निमार नाम के शख्स को गिरफ्तार किया गया है। उस पर आरोप है कि वह VC Infrometrix Pvt Ltd नाम की कंपनी की आड़ में अवैध काम कर रहा था। वह करीब एक साल से फरार था।
कहां चला रहा था कॉल सेंटर?
सूचना मिलने के बाद सीबीआई ने लखनऊ में उसके घर पर छापा मारा। वहां से पता चला कि वह एक और अवैध कॉल सेंटर चला रहा था, जहां से अमेरिकी नागरिकों को फोन कर उन्हें ठगा जा रहा था।
छापे में बरामद हुई चीजें
सीबीआई ने बताया कि तलाशी के दौरान एक अवैध कॉल सेंटर का खुलासा हुआ, 52 लैपटॉप बरामद किए गए और डिजिटल सबूत मिले जिनके साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल होने का शक है।
क्यों है यह कार्रवाई अहम?
यह कार्रवाई दिखाती है कि भारत और अमेरिका साइबर ठगी जैसे अपराधों के खिलाफ मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले ऑनलाइन फ्रॉड को रोका जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।