Nvidia: चीन को एडवांस एआई H200 चिप निर्यात करेगी एनवीडिया, अमेरिकी वाणिज्य विभाग से मंजूरी

सुयश पांडेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीसुयश पांडेय
Tue, 09 Dec 2025 12:48 PM IST
सार

अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने एनवीडिया की उन्नत एआई चिप H200 को चीन भेजने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला कांग्रेस की सुरक्षा चिंताओं के बावजूद लिया गया है। लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, एनवीडिया चीन को केवल लगभग 18 महीने पुरानी H200 चिप ही भेज पाएगी।

विज्ञापन
US Clears Nvidia H200 Chip Exports to China Despite Security Concerns
अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने एनवीडिया को अपनी एडवांस्ड एआई H200 चिप चीन को सप्लाई करने की इजाजत दी। (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Nvidia

    विस्तार

    अब एनवीडिया अपनी एडवांस्ड एआई H200 चिप फिर से चीन भेज सकेगी। अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने कंपनी को अपने स्वीकृत ग्राहकों को ये चिप सप्लाई करने की अनुमति दे दी है। यह जानकारी सबसे पहले Semafor ने दी थी। H200 चिप, चीन के लिए खास तौर पर बनाई गई H20 चिप से काफी बेहतर हैं। लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, एनवीडिया चीन को केवल लगभग 18 महीने पुरानी H200 चिप ही भेज पाएगी।

    एनवीडिया के एक प्रवक्ता के मुताबिक, यह कदम अमेरिका की चिप इंडस्ट्री को प्रतिस्पर्धा करने और नौकरियों व मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि स्वीकृत ग्राहकों को H200 देना अमेरिका के लिए 'संतुलित और सकारात्मक' कदम है। यह खबर ऐसे समय आई है जब एक सप्ताह पहले अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने कहा था कि H200 चिप को चीन भेजने का फैसला सिर्फ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही कर सकते हैं। हालांकि, यह फैसला अमेरिकी कांग्रेस की राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं के विपरीत है। कांग्रेस के कई नेता चीन को एडवांस्ड एआई चिप भेजने का विरोध करते रहे हैं।

    विज्ञापन

    4 दिसंबर को दो अमेरिकी सीनेटर पीट रिकिट्स (रिपब्लिकन) और क्रिस कून्स (डेमोक्रेट) ने एक बिल (सेफ चिप्स एक्ट) पेश किया था, जिसमें चीन को उन्नत एआई चिप के निर्यात पर 30 महीने की रोक लगाने का प्रस्ताव है। अभी यह साफ नहीं है कि इस बिल पर मतदान कब होगा, खासकर अब जब ट्रंप प्रशासन H200 चिप बेचने की मंजूरी दे चुका है। कांग्रेस लगातार चीन को एडवांस्ड चिप बेचने के खिलाफ रही है। लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप इस मुद्दे पर बार-बार अपना रुख बदलते रहे।

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    अप्रैल में ट्रंप प्रशासन ने कंपनियों पर सख्त लाइसेंसिंग नियम लगाए थे। बाद में उन्होंने बाइडन प्रशासन के उस नियम को भी रद्द कर दिया, जिसमें एआई चिप निर्यात पर नियंत्रण था। गर्मियों में सरकार ने संकेत दिए थे कि कंपनियां चीन को चिप भेज सकती हैं, लेकिन बदले में सरकार को 15% राजस्व देना होगा।

    इस बीच, चीन में अमेरिकी चिप की मांग कम हो गई थी। सितंबर में चीन के इंटरनेट रेगुलेटर ने घरेलू कंपनियों को एनवीडिया चिप खरीदने से रोक दिया था। इसके बाद कंपनियों को अलीबाबा और हुवावे की कम उन्नत चिप पर निर्भर रहना पड़ा। सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने H200 चिप को लेकर उनके नए फैसले पर 'सकारात्मक प्रतिक्रिया' दी है। यह रिपोर्ट 8 दिसंबर को अपडेट की गई है, जब इस फैसले की आधिकारिक पुष्टि हुई।

    Login or Signup
    अपना शहर चुनें