Cyber Security: गृह सचिव गोविंद मोहन ने कहा, साइबर अपराधों से निपटने के लिए राष्ट्र को एकजुट होना जरूरी
कोकोन 2025 में गृह सचिव गोविंद मोहन ने कहा कि भारत को साइबर अपराधों से निपटने के लिए एकजुट होना होगा। उन्होंने डिजिटल अरेस्ट और साइबर-निर्भर अपराधों पर चिंता जताते हुए नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की।

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देश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों को लेकर केंद्र सरकार ने चेतावनी दी है। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने कहा कि भारत को साइबर खतरों से निपटने के लिए एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने यह बात कोकोन (COCON) 2025, वार्षिक साइबर सुरक्षा सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कही। यह कार्यक्रम केरल पुलिस ने आयोजित किया था।
बढ़ते साइबर अपराधों पर जताई चिंता
गृह सचिव ने कहा कि वैश्विक स्तर पर साइबर अपराधों में लगातार इजाफा हो रहा है। उन्होंने कहा कि भले ही दुनिया भर में सुरक्षा उपाय अपनाए जा रहे हों, लेकिन डिजिटल अपराधों की रफ्तार इससे कहीं ज्यादा तेज है। गोविंद मोहन ने कहा, “साइबर अपराध सिर्फ तकनीकी चुनौती नहीं हैं, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। हमें सरकार, एजेंसियों और नागरिकों—सभी को मिलकर इससे निपटना होगा।”
‘डिजिटल अरेस्ट’ और साइबर-निर्भर अपराधों पर भी चिंता
गृह सचिव ने बताया कि अब ‘डिजिटल अरेस्ट’, फिशिंग, और अन्य साइबर-निर्भर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को चौकन्ना रहना होगा, वहीं आम नागरिकों को भी सतर्क रहना जरूरी है ताकि वे इन अपराधों का शिकार न बनें।
जागरूकता और सतर्कता ही सुरक्षा की कुंजी
गृह सचिव ने जोर देकर कहा कि तकनीकी सुरक्षा के साथ-साथ नागरिक जागरूकता सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि जब तक हर नागरिक डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्क नहीं होगा, तब तक साइबर अपराधों को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता।
कार्यक्रम में शामिल हुए वरिष्ठ अधिकारी
कोकोन 2025 के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता सांसद हिबी ईडन ने की। कार्यक्रम में राज्य पुलिस प्रमुख और डीजीपी रेवड़ा चंद्रशेखर ने मुख्य संबोधन दिया और साइबर सुरक्षा के नए ट्रेंड्स पर प्रकाश डाला। कोकोन 2025 जैसे सम्मेलन भारत में साइबर सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार और जनता दोनों के संयुक्त प्रयास से ही भारत डिजिटल अपराधों से सुरक्षित रह सकता है।