Budget 2026: क्या बजट में iPhone समेत भारत में बनने वाले स्मार्टफोन होंगे सस्ते? थोड़ी देर में होगा फैसला

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Sun, 01 Feb 2026 11:05 AM IST
सार

Union Budget 2026 Smartphones:

केंद्रीय बजट 2026 आज पेश होने जा रहा है, जिसे वित्तीय मंत्री निर्मला सीतारमण रेश करेंगी। आज बजट में पता चलेगा कि देश में स्मार्टफोन, टीवी, एसी, फ्रीज आदि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सस्ते होंगे या महंगे। आइए जानते हैं बजट 2026 में इसके क्या अनुमान लगाए जा रहे हैं।

विज्ञापन
union budget 2026 smartphone tv ac fridge price change announcement details
iPhone - फोटो : Apple

    विस्तार

    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अब कुछ ही मिनटों बाद अपना 9वां केंद्रीय बजट पेश करेंगी। हर बजट की तरह इस बार भी टैक्स और छूट से जुड़े एलानों पर लोगों की नजर है, क्योंकि इन्हीं फैसलों से रोजमर्रा के कई सामान सस्ते या महंगे होते हैं। इस बार खास चर्चा स्मार्टफोन सेक्टर को लेकर हो सकती है।

    बजट से पहले कई इंडस्ट्री संगठनों ने सरकार से कस्टम ड्यूटी में बदलाव की मांग की है, ताकि मेक इन इंडिया को और मजबूती मिल सके। इससे भारत में मैन्युफैक्चरिंग कर रही कंपनियों को राहत मिलने की उम्मीद है। भारत में बने iPhone अब दुनियाभर में एक्सपोर्ट हो रहे हैं। ऐसे में सवाल यह है कि भारत में बिकने वाले iPhone पर टैक्स घटेगा या नहीं, इसका फैसला बजट भाषण में सामने आएगा।

    विज्ञापन

    स्मार्टफोन पर कितना है टैक्स?

    मौजूदा समय में सरकार स्मार्टफोन पर 18% जीएसटी लगाती है। वहीं, पावरबैंक, चार्जर और अन्य एक्सेसरीज पर 28% जीएसटी लागू है। सकेंड हैंड स्मार्टफोन बेचने पर भी 18% जीएसटी लगाया जाता है। इंडस्ट्री की डिमांड है कि स्मार्टफोन बिक्री को बढ़ावा देने के लिए सरकार को बजट में जीएसटी में थोड़ी राहत देनी चाहिए। एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि आने वाले कुछ महीनों में महंगे चिप के वहज से स्मार्टफोन के दाम बढ़ने वाले हैं, ऐसे में जीएसटी में कटौती ग्राहकों को थोड़ी राहत दे सकती है।

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    क्या स्मार्टफोन और महंगे होंगे?

    कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में स्मार्टफोन की कीमतों में इजाफा देखने को मिल सकता है। यह इसलिए क्योंकि स्मार्टफोन के लिए चिप्स बनाने वाली कंपनियां अब एआई के लिए चिप्स और प्रोसेसर बनाने पर ज्यादा फोकस कर रही हैं। ऐसे में स्मार्टफोन कंपनियों को चिप्स की कमी का सामना करना पड़ रहा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगले कुछ महीनों में इसका असर बाजार पर दिखने लगेगा। ब्रांड्स ने अब 9,999 रुपये वाले फोन से फोकस हटाकर 15,000 रुपये और उससे ऊपर के सेगमेंट पर ध्यान देना शुरू कर दिया है।

    प्रीमियम सेगमेंट बना कंपनियों की प्राथमिकता

    जो कंपनियां कभी बजट फोन के लिए जानी जाती थीं, जैसे Xiaomi और Realme, वे भी अब प्रीमियम स्मार्टफोन लॉन्च कर रही हैं। इसकी वजह साफ है कि इस सेगमेंट में कंपनियों को ज्यादा मुनाफा मिलता है।

    मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट क्यों बढ़ रही है?

    स्मार्टफोन बनाने में इस्तेमाल होने वाले अहम पार्ट्स जैसे प्रोसेसर, बैटरी और डिस्प्ले की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर फोन की फाइनल कीमत पर पड़ सकता है।

    AI की बढ़ती मांग ने बढ़ाया दबाव

    अब स्मार्टफोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में AI फीचर्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसके लिए एक्स्ट्रा चिप्स की जरूरत होती है। वहीं, मार्केट में मेमोरी चिप्स की कमी के चलते उनकी कीमतें भी बढ़ गई हैं।

    बजट में क्या मिलेगा जवाब?

    स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को लेकर सरकार क्या राहत देगी या कीमतों पर दबाव और बढ़ेगा, इसका पूरा खुलासा केंद्रीय बजट 2026 में होने वाला है। बजट शुरू होने में अब बस कुछ ही देर बाकी है।

    Login or Signup
    अपना शहर चुनें