अंतरिक्ष ताकत का कमर्शियल इस्तेमाल करेगा भारत, न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड को मिली जिम्मेदारी

केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लोकसभा में 2019-20 का केंद्रीय बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) को अंतरिक्ष विभाग की एक नई वाणिज्यिक इकाई के रूप में शुरू किया गया है। दूसरे शब्दों में कहें तो भारत अब अपनी अंतरिक्ष क्षमता का इस्तेमाल कमर्शियल रूप से करेगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी और उपग्रह प्रक्षेपित करने की क्षमता एवं वैश्विक कम लागत पर अंतरिक्ष उत्पादों के साथ भारत प्रमुख अंतरिक्ष शक्ति के रूप में उभरा है। अब समय आ गया है कि इस क्षमता का वाणिज्यिक उपयोग हो। न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड को इसरो द्वारा किए गए अनुसंधान और विकास के लाभों को काम में लाने के लिए अंतरिक्ष विभाग की नई वाणिज्यिक शाखा के रूप में शामिल किया गया है। यह कंपनी विभिन्न अंतरिक्ष उत्पादों के वाणिज्यीकरण का नेतृत्व करेगी।
बता दें कि कौशल विकास के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए, वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के जरिए एक करोड़ युवाओं को सक्षम बनाएगी। साथ ही, विदेशों में नौकरी प्राप्त करने के लिए युवाओं को तैयार करने के लिए सरकार भाषा प्रशिक्षण समेत विदेशों में जरूरी कौशलों पर ध्यान देगी। इसके अलावा आर्टिफिशल इंटेलीजेंस (एआई), कंप्यूटर पार्ट्स, डाटा 3डी प्रिंटिंग, वर्चुअल रियलिटी और रोबोट साइंस को बढ़ावा दिया जाएगा।