Twitter: ट्विटर के सार्वजनिक नीति प्रमुख सिनैड मैकस्वीनी ने छोड़ी कंपनी, लगातार छंटनी को बताया जा रहा कारण
जर्मनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यूरोपीय संघ को सीधे तौर पर ट्विटर पर नजर रखनी चाहिए। अनुपालन का आकलन करने के लिए यूरोपीय संघ अगले साल की शुरुआत में ट्विटर के मुख्यालय में "स्ट्रेस टेस्ट" भी करने वाला है।

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माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर के सार्वजनिक नीति प्रमुख सिनैड मैकस्वीनी ने गुरुवार को कंपनी से इस्तीफा दे दिया। सिनैड मैकस्वीनी ने कंपनी में लगातार हो रही छंटनी के बीच इस्तीफा दिया है। रायटर के अनुसार, मैकस्वीनी के जाने की पहले सूचना नहीं दी गई थी। बता दें कि मस्क ने ट्विटर अधिग्रहण के साथ ही कई शीर्ष अधिकारियों को कंपनी से बाहर कर दिया था और कंपनी के सुरक्षा प्रमुख योएल रोथ सहित कई शीर्ष अधिकारियों ने ट्विटर से इस्तीफा दे दिया था।
दरअसल, मस्क के अधिग्रहण के समय ट्विटर के पास करीब 7 हजार लोगों का स्टाफ था, जबकि अब यह 2 हजार के लगभग रह गया है। लगातार हो रही छंटनी और इस्तीफों के बीच मस्क पर कंटेंट मॉडरेशन और यूजर्स के डाटा की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हाल ही में ट्विटर के पूर्व सुरक्षा प्रमुख योएल रोथ (Yoel Roth) ने कंपनी के नए मालिक एलन मस्क की लीडरशिप में ट्विटर को असुरक्षित बताया था। उन्होंने कहा था कि सेफ्टी को सुनिश्चित करने के लिए कंपनी के पास पर्याप्त स्टाफ नहीं है और यूजर्स के डाटा पर भी खतरा बढ़ गया है।
निक पिकल्स ने ली मैकस्वीनी की जगह
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कहा जा रहा है कि सिनैड मैकस्वीनी के इस्तीफे के बाद वैश्विक सार्वजनिक नीति रणनीति के वरिष्ठ निदेशक निक पिकल्स को ट्विटर के सार्वजनिक नीति का प्रमुख बनाया गया है। हालांकि अब तक कंपनी और मस्क की और से इसको लेकर कोई जवाब नहीं आया है।
यूरोपीय संघ ट्विटर मुख्यालय में कराएगा स्ट्रेस टेस्ट
पिछले महीने ही यूरोपीय संघ के आयुक्त थिएरी ब्रेटन ने मस्क को तलब किया था। थिएरी ब्रेटन ने मस्क को कहा था कि कंटेंट मॉडरेशन पर यूरोपीय नियमों का पालन करने, विघटन को दूर करने और लक्षित विज्ञापन को सीमित करने के लिए प्लेटफॉर्म को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अनुपालन का आकलन करने के लिए यूरोपीय संघ अगले साल की शुरुआत में ट्विटर के मुख्यालय में "स्ट्रेस टेस्ट" भी करने वाला है। जर्मनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि यूरोपीय संघ को सीधे तौर पर ट्विटर पर नजर रखनी चाहिए क्योंकि मस्क के नेतृत्व में उसके अनियमित व्यवहार से अभिव्यक्ति की आजादी को खतरा है।