Twitter India: तो ट्विटर को भी लगता है भारतीय राजनीति से डर, हर विवाद के बाद क्यों बदल देता है फैसले
अगर बात हम ट्विटर की ही पॉलिसी की करें तो एक्टिव ना होने की वजह से ब्लू टिक हटाया जा सकता है तो फिर दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अकाउंट से ब्लू टिक अभी तक क्यों नहीं हटाया गया है।

विस्तार
ट्विटर और भारत सरकार की अनबन अब सास-बहू वाली अनबन की तरह हो गई है। सरकार ट्विटर के खिलाफ एक कदम चलती है तो ट्विटर भी कोई-ना-कोई एक्शन लेता है। वैसे तो भारत सरकार की अनबन फेसबुक के साथ भी रहती है लेकिन ट्विटर के साथ इस बार मामला थोड़ा ज्यादा ही बिगड़ गया है। कुछ दिन पहले ही ट्विटर ने भाजपा के कई नेताओं के ट्वीट को भ्रामक बता दिया, उसके बाद से मामला और गर्म हो गया है। भारत सरकार की नई सूचना प्रौद्योगिकी नियमों को लेकर ट्विटर का कहना है कि उसने नियम को लागू कर दिया है, जबकि सरकार का कहना है कि उसने नियम लागू ही नहीं किए हैं। अब यहां कौन सच बोल रहा है, इसका पता लगाना पानी में से दूध को अलग निकालने जितना मुश्किल हो गया है। यह कहना गलत नहीं होगा कि भारत में ट्विटर भी राजनीति से अछूता नहीं रहा है। ट्विटर पहले सरकार या सरकार से जुड़े किसी व्यक्ति के खिलाफ एक्शन लेता है और फिर विरोध के बाद अपने फैसले बदल देता है।
पहले उपराष्ट्रपति का ब्लू टिक हटाया, विरोध के बाद वापस दिया
ट्विटर ने उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू समेत कई आरएसएस नेताओं के निजी हैंडल को अनवेरिफाइड करके ब्लू टिक को हटा दिया था और जब विरोध शुरू हुआ तो ट्विटर ने फिर से ब्लू टिक के साथ उपराष्ट्रपति के अकाउंट को वेरिफाई कर दिया। अब यहां कहीं-ना-कहीं राजनीतिक दवाब की एक झलक दिखाई दे रही है। ट्विटर आमतौर पर उन अकाउंट से ब्लू टिक वापस लेता है जो लगातार नियमों का उल्लंघन करते हैं या फिर अकाउंट लंबे समय से एक्टिव नहीं है या फिर अकाउंट से लगातार आपत्तिजनक ट्वीट किए जा रहे हों। उपराष्ट्रपति के निजी हैंडल के मामले में एक ही मसला था कि उस अकाउंट से जुलाई 2020 के बाद से कोई ट्वीट हीं नहीं हुआ था तो जब यह ट्विटर के नियम के खिलाफ था तो फिर ट्विटर ने विरोध के बाद ब्लू टिक वापस क्यों दिया?
प्रणब दा के अकाउंट पर मौजूद है ब्लू टिक
अगर बात हम ट्विटर की ही पॉलिसी की करें तो एक्टिव ना होने की वजह से ब्लू टिक हटाया जा सकता है तो फिर दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अकाउंट से ब्लू टिक अभी तक क्यों नहीं हटाया गया है। यही हाल दिवंगत कांग्रेस नेता अहमद पटेल, एक्टर इरफान खान समेत कई लोगों के ट्विटर हैंडल का है। इसके अलावा कई लोगों के अकाउंट ऐसे भी हैं जिनकी मृत्यु के बाद उनके अकाउंट को उनके परिवार वाले संभाल रहे तो क्या इसके लिए ट्विटर की कोई पॉलिसी है?
गृह मंत्री अमित शाह का अकाउंट
पिछले साल नवंबर में गृह मंत्री अमित शाह के ट्विटर अकाउंट से प्रोफाइल फोटो गायब हो गई थी जिसके बाद ट्विटर का काफी विरोध हुआ था। ट्विटर ने अमित शाह की फोटो हटाने को लेकर सफाई देते हुए कहा कि एक बग के कारण ऐसा हुआ था। यह फोटो री-स्टोर कर दी गई है। गृह मंत्री की प्रोफाइल फोटो हटाने को लेकर ट्विटर के एक प्रवक्ता ने कहा, 'हमारी ग्लोबल कॉपीराइट पॉलिसी के तहत यह गलती अनजाने में हुई थी, इसकी वजह से प्रोफाइल फोटो लॉक हो गई थी, हालांकि अब इस गलती को सुधार दिया गया है और प्रोफाइल फोटो री-स्टोर कर दी गई है।'
पॉलिसी हेड महिमा कौल का इस्तीफा
इसी साल फरवरी में भारत सरकार ने ट्विटर को 250 ऐसे अकाउंट्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया था जो प्रधानमंत्री के विरोध में एक आपत्तिजन हैशटैग के साथ ट्वीट कर रहे थे। ट्विटर ने इन अकाउंट को पहले ब्लॉक तो कर दिया लेकिन महज 24 घंटे के अंदर ही इनमें से कई अकाउंट्स एक्टिव हो गए जिसके बाद ट्विटर पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69 (ए) के उल्लंघन का आरोप लगा और सरकार ने नोटिस जारी किया। जिस सप्ताह यह विवाद हुआ था उसी सप्ताह के अंत में ट्विटर इंडिया की पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर (इंडिया एवं साउथ एशिया) महिमा कौल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस इस्तीफे के बाद से ही भारत सरकार और ट्विटर की अनबन लगातार बढ़ती ही गई।
नेताओं के अकाउंट वेरिफाई
ट्विटर एक अच्छे-खासे फॉलोअर्स वाले और शख्सियत के अकाउंट के वेरिफाई करने में कई महीने लगा देता है, लेकिन जब बात किसी राजनीतिक पार्टी के अकाउंट या फिर किसी पार्टी के नेता की आती है तो रातों-रात अकाउंट वेरिफाई हो जाते हैं। ये वेरिफिकेशन किस आधार पर होते हैं, यह एक राज ही है। यदि आप ट्विटर पर सर्च करेंगे तो पाएंगे कि तमाम राजनीतिक पार्टियों के राज्यवार अकाउंट वेरिफाई मिलेंगे। इसी तरह अधिकतर नेताओं के अकाउंट आपको वेरिफाई मिलेंगे, वहीं जब कोई सामाजिक संस्था अपने ट्विटर हैंडल को वेरिफाई कराना चाहे तो उसे लंबे समय तक पापड़ बेलने पड़ते हैं।
राजनीति का ट्विटर पर दबाव के ये कुछ बड़े उदाहरण थे, ऐसे कई उदाहरण आपको और मिल जाएंगे। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि ट्विटर राजनीति से प्रभावित नहीं है।
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