टि्वटर के ब्लू टिक का मतलब असली अकाउंट, अपनी ही सफाई उलटी पड़ी
शनिवार को टि्वटर ने उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का ब्लू टैग हटा था इसके बाद भारत सरकार ने इसका संज्ञान लिया था और थोड़ी देर के बाद उनकी प्रोफाइल पर ब्लू टिक दिखने लगा था

विस्तार
ट्विटर के ब्लू टिक का मतलब यह है कि अकाउंट जनहित से जुड़ा और असली है। इसे पाने के लिए अकाउंट का सक्रिय रहना बहुत जरूरी है। ट्विटर सरकारी कंपनियों, ब्रांड और गैर लाभकारी संगठनों, समाचार संगठन और पत्रकार, मनोरंजन, मनोरंजन, खेल, कार्यकर्ता, आयोजकों और अन्य प्रभावशाली हस्तियों के खास अकाउंट को प्रमाणीकृत करता है।
ट्विटर का तर्क है, अगर कोई अपने हैंडल का नाम बदलता है या फिर प्रमाणीकृत किए जाने के आधार पर अकाउंट का इस्तेमाल नहीं करता तो उसका ब्लू टिक हटाया जा सकता है। लेकिन यही तर्क पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, कांग्रेस नेता अहमद पटेल और अभिनेता ऋषि कपूर पर लागू नहीं होता।
प्रणब के ट्विटर अकाउंट से आखिरी ट्वीट उनकी मृत्यु से पहले अगस्त 2020 में किया गया था। वहीं, अहमद पटेल का अकाउंट अक्तूबर 2020, ऋषि कपूर का अकाउंट अप्रैल 2020 और इरफान का अकाउंट मई, 2020 से सक्रिय नहीं है।
भारत के सब्र का इम्तिहान ले रहा है ट्विटर
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का ब्लू टैग हटाए जाने से सरकार बेहद नाराज है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि उपराष्ट्रपति का पद राजनीतिक नहीं है, क्या ऐसी हिमाकत ट्विटर अमेरिका में कर सकता है? इसे इरादतन मानते हुए सरकारी सूत्र कहते हैं कि ट्विटर भारत के सब्र की परीक्षा ले रहा है। उसे कड़ा जवाब दिया जाएगा।
ऐसे शुरू हुआ विवाद
अधिकारियों ने कहा, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने अपने निजी अकाउंट से आखिरी ट्वीट बीते साल 23 जुलाई को किया था। जैसे ही ब्लू टिक हटाने का मामला संज्ञान में आया तो ट्विटर से संपर्क किया गया। इसके बाद सुबह 10:30 बजे तक ब्लू टिक फिर बहाल हो गया।