ChatGPT: AI बना वकील तो यात्री को मिला ₹2 लाख का रिफंड, चैटबॉट का इससे बढ़िया इस्तेमाल देखा है आपने?
एक आज हमारे लिए कई कामों को आसान बना रहा है। लेकिन क्या एआई आपके लिए वकालत भी कर सकता है? जी हां, एक अमेरिकी यात्री ने टिकट का रिफंड पाने के लिए कुछ ऐसा ही किया।

विस्तार
आज AI कई बड़े काम चुटकियों में निपटा रहा है। यही नहीं, AI हमारे कई ऐसे काम करने में भी मदद कर रहा है जिसके लिए पहले हमें एक वकील की जरूरत पड़ती थी। हाल ही में अमेरिका के एक यात्री ने एक ऐसी घटना का जिक्र किया जिसके बाद यह साबित हो गया है कि एआई वाकई में हमारी सोच से बहुत आगे निकल गया है।
हुआ ये कि एक अमेरिकी यात्री ने कोलंबिया के मेडेलिन शहर की ड्रीम ट्रिप आखिरी समय में मेडिकल इमरजेंसी के चलते रद्द कर दी। हालांकि, टिकट और होटल बुकिंग की राशि नो-रिफंड पॉलिसी के चलते वापस नहीं हो रही थी। लेकिन फिर इस यात्री ने ChatGPT से मदद ली, और कहानी ने मोड़ ले लिया। यह वाकया यात्री ने एक रेडिट पोस्ट के जरिए शेयर किया है।

पहले सबने मना किया, फिर AI ने दिखाई राह
रेडिट पर वायरल पोस्ट में यात्री ने बताया कि उसने होटल और फ्लाइट दोनों बुक की थी, लेकिन दोनों की नो-कैंसलेशन पॉलिसी थी। यात्री के पास कोई ट्रैवल इंश्योरेंस भी नहीं था। हालांकि, वह 'जनरलाइज्ड एंग्जायटी डिसऑर्डर' नाम की एक बीमारी से जूझ रहा था, जिसका डॉक्टर के द्वारा दिया गया नोट उसके पास था।
वकील की तरह पेश आया चैटजीपीटी
यात्री ने इसके लिए चैटजीपीटी से मदद मांगने की सोची और चैटजीपीटी को पूरी बात समझाते हुए AI टूल को उसके वकील की तरह पेश आने को कहा। इसके बाद AI टूल ने होटल और फ्लाइट की पॉलिसी पढ़कर एक पेशेवर अपील ड्राफ्ट की, जिसमें मेडिकल आधार पर छूट की मांग की गई। नतीजा यह हुआ कि होटल ने मेडिकल आधार पर पूरा रिफंड दे दिया।
AI ने बताई मानसिक स्वास्थ्य की अहमियत
हालांकि, जब बात एयरलाइन पर आई, तो उन्होंने रिफंड देने से मना कर दिया। उनके नियमों के मुताबिक, केवल टर्मिनल पर तबियत बिगड़ने पर या मृत्यु होने पर ही छूट मिल सकती थी। टर्मिनल से बाहर किसी भी कारण से टिकट कैंसिल करने पर रिफंड देने की पॉलिसी नहीं थी।
लेकिन ChatGPT ने इस जवाब के आधार पर एक और अपील पत्र तैयार किया, जिसमें बताया गया कि मानसिक स्वास्थ्य भी यात्रा को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है और इस मामले में छूट न देना भेदभाव के अंतर्गत आता है। इस पत्र के भेजने के एक घंटे के अंदर एयरलाइन ने अपना फैसला बदल दिया और पूर्ण रिफंड दे दिया। यात्री ने लिखा कि अगर उसने ChatGPT का इस्तेमाल नहीं किया होता, तो शायद उसे किसी कानूनी सहायक की मदद लेनी पड़ती और उसमें और भी खर्च होता।