TRAI: अनचाही कॉल से मिलेगा छुटकारा, अब फोन करने वाला पहचाना जाएगा, ट्र-कॉलर ऐप को होगा नुकसान
स्पैम कॉल्स से निपटने के लिए ट्राई ने एक मशविरा पत्र पिछले साल जारी किया था। सिफारिश में ट्राई ने कहा है कि कॉल्स पर वही नाम दिखाई पड़ेगा जो कॉल करने वाले ने अपने फॉर्म में लिखकर कंपनी को दिया होगा।

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फोन पर आने वाली अनचाही कॉल्स को अब आप पहचान सकेंगे। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी ट्राई ने दूरसंचार विभाग को सिफारिश भेजी है। इसमें मोबाइल फोन पर कॉल करने वाले का नाम दिखाने की सिफारिश (कॉलिंग नेम प्रजेंटेशन यानी सीएनएपी) की है। इस आधार पर कॉल प्राप्त करने वाला यह फैसला कर सकेगा कि उसे बात करनी है या नहीं। दूसरी ओर, ट्रू कॉलर जैसे एप का कारोबार भी इससे समाप्त हो जाएगा।
स्पैम कॉल्स से निपटने के लिए ट्राई ने एक मशविरा पत्र पिछले साल जारी किया था। सिफारिश में ट्राई ने कहा है कि कॉल्स पर वही नाम दिखाई पड़ेगा जो कॉल करने वाले ने अपने फॉर्म में लिखकर कंपनी को दिया होगा। अगर कोई कंपनी थोक में कनेक्शन लेती है तो कॉल करने पर कॉल प्राप्त करने वाले को कंपनी का नाम ही दिखेगा।
रोजाना मिलती हैं तीन अनचाही कॉल
सर्वे के मुताबिक देश के 60 फीसदी फोन धारकों को हर दिन कम से कम तीन अनचाही कॉल्स आती हैं।