घर खरीदने से पहले पता चलेगा नेटवर्क: ट्राई ने लॉन्च किया डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म, कैसे करेगा काम?

जागृति शुक्ला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीजागृति शुक्ला
Fri, 25 Sep 2026 10:20 PM IST
सार

ट्राई ने देश में संपत्तियों की नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी जांचने के लिए डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म और एक नया मोबाइल एप लॉन्च किया है। अब इसके जरिए उपभोक्त घर या ऑफिस खरीदने से पहले सिर्फ लोकेशन ही नहीं, वहां मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी भी जांच सकेंगे। यह सिस्टम कैसे काम करेगा? आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।

TRAI Launches Digital Connectivity Rating Platform  Check Network, Internet Quality Properties
ट्राई ने लॉन्च किया डीसीआर प्लेटफॉर्म - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    अगर आप नया घर या ऑफिस खरीदने या किराए पर लेने की तैयारी कर रहे हैं, तो अब आपको उस जगह के मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी की जानकारी भी पहले से मिल सकेगी। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने शुक्रवार को डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग (DCR) प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इसका मकसद किसी प्रॉपर्टी की डिजिटल कनेक्टिविटी को लेकर उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराना है। ट्राई के मुताबिक, प्लेटफॉर्म के साथ डिजिटल कनेक्टिविटी की जांच के लिए एक मोबाइल एप भी लॉन्च किया गया है, जिससे प्रॉपर्टी की रेटिंग प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा।

    डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग क्या है?

    डीसीआर यानी की डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एक ऐसी व्यवस्था है, जिसके जरिए किसी प्रॉपर्टी की डिजिटल कनेक्टिविटी का आकलन और रेटिंग की जा सकेगी। उपभोक्ता आधिकारिक तौर पर रेट की गई प्रॉपर्टी की रेटिंग देख सकेंगे और घर, ऑफिस या अन्य संपत्ति खरीदने या किराए पर लेने से पहले वहां नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी की स्थिति समझ सकेंगे।

    ट्राई ने इसके लिए रेटिंग ऑफ प्रोपॉर्टीस फॉर डिजिटल कनेक्टिविटी रेगुलेशन, 2024 के तहत फ्रेमवर्क तैयार किया है, जिसे 2026 में संशोधित भी किया गया है। प्राधिकरण ने इसके लिए 2026 का रेटिंग मैनुअल भी जारी किया है।

    प्रॉपर्टी की रेटिंग कैसे देख सकेंगे?

    डीसीआर प्लेटफॉर्म पर किसी रेटेड प्रॉपर्टी को उसके नाम, सर्टिफिकेट आईडी या लोकेशन के आधार पर खोजा जा सकेगा। इसके बाद यूजर संबंधित प्रॉपर्टी का डिजिटल रूप से साइन किया हुआ रेटिंग सर्टिफिकेट भी देख सकेगा।

    सर्टिफिकेट पर मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन करके उसकी प्रामाणिकता की जांच भी की जा सकेगी। इससे खरीदार या किराएदार को प्रॉपर्टी की डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़ी जानकारी को सत्यापित करने में मदद मिलेगी।

    घर खरीदने से पहले क्यों काम आएगा यह प्लेटफॉर्म?

    • आज के समय में घर या ऑफिस के अंदर मोबाइल कॉलिंग, इंटरनेट और ऑनलाइन सेवाओं की अच्छी कनेक्टिविटी काफी महत्वपूर्ण है। TRAI का कहना है कि डिजिटल कनेक्टिविटी की रेटिंग सार्वजनिक होने और सर्टिफिकेट के सत्यापन की सुविधा मिलने से उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और तुलनात्मक जानकारी मिल सकेगी।
    • इससे लोग ऐसे घर और ऑफिस चुनने में बेहतर निर्णय ले सकेंगे, जहां कॉलिंग, डाउनलोडिंग और ऑनलाइन सेवाओं के लिए कनेक्टिविटी बेहतर हो।
    • ट्राई चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी के मुताबिक, यह व्यवस्था लोगों को किसी प्रॉपर्टी में विकसित डिजिटल कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर की अहमियत समझने में भी मदद करेगी। साथ ही इससे प्रॉपर्टी डेवलपर्स और मैनेजमेंट संस्थाओं को प्रोजेक्ट के शुरुआती चरण से ही डिजिटल कनेक्टिविटी सुविधाओं को शामिल करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
    • इस पूरी प्रक्रिया में प्रोपर्टी मैनेजर्स (PMs), डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसी (DCRAs) और उपभोक्ता एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े होंगे। इससे रेटिंग प्रक्रिया को ज्यादा व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने का लक्ष्य है।
    • पंजीकृत डीसीआरए एजेंसियां प्लेटफॉर्म के जरिए रेटिंग के लिए मिले आवेदनों को देख सकेंगी। इसके बाद वे प्रॉपर्टी का निरीक्षण, टेस्टिंग और जरूरी दस्तावेजों का प्रबंधन करते हुए निर्धारित नियमों के अनुसार रेटिंग प्रक्रिया पूरी करेंगी।
    • ट्राई ने 2025 में पहली आठ डीसीआरए एजेंसियों को रजिस्टर भी किया था। इन एजेंसियों को निर्धारित तरीके के अनुसार डिजिटल कनेक्टिविटी का आकलन करके प्रॉपर्टी को रेटिंग देने की जिम्मेदारी दी गई थी।

    मोबाइल एप से मौके पर होगी कनेक्टिविटी की जांच

    ट्राई ने फील्ड असेसमेंट के लिए डीसीआरए मोबाइल एप भी उपलब्ध कराया है। अधिकृत एजेंसियां इस ऐप की मदद से भवन के अंदर डिजिटल कनेक्टिविटी की जांच निर्धारित टेस्टिंग प्रक्रिया के अनुसार कर सकेंगी।

    जांच के दौरान कनेक्टिविटी से जुड़े माप और डेटा को सीधे सिस्टम में अपलोड किया जा सकेगा। इसके बाद वेब पोर्टल के जरिए मिली प्रॉपर्टी की जानकारी और मोबाइल ऐप से जुटाए गए असेसमेंट डेटा को एक ही प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया जाएगा।

    रिकॉर्ड और निगरानी भी होगी आसान

    ट्राई के मुताबिक, वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप से आने वाले डेटा को एकीकृत करने से डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़े रिकॉर्ड का बेहतर प्रबंधन और निगरानी संभव होगी। इसका मतलब है कि प्रॉपर्टी की रेटिंग से जुड़ी जानकारी, निरीक्षण और टेस्टिंग के डेटा को एक व्यवस्थित डिजिटल सिस्टम में रखा जा सकेगा।

    डेवलपर्स के लिए भी बदलेगा नजरिया

    ट्राई का मानना है कि डिजिटल कनेक्टिविटी को प्रॉपर्टी की एक स्पष्ट और सत्यापन योग्य विशेषता बनाने से इसका महत्व बढ़ेगा। इससे प्रॉपर्टी डेवलपर्स और मैनेजमेंट संस्थाओं को भी निर्माण और प्लानिंग के शुरुआती चरण से ही मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। यानी भविष्य में घर या ऑफिस की कीमत और लोकेशन के साथ उसकी डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग भी खरीदार या किराएदार के फैसले में एक उपयोगी जानकारी बन सकती है।

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