Scam: ट्रेडिंग के चक्कर में कहीं खाली न हो जाए बैंक अकाउंट, सरकार ने जारी किया अलर्ट, फौरन करें ये काम
Fake trading app scam India:
शेयर बाजार में निवेश के नाम पर लोगों को चूना लगाने वाले फेक ट्रेडिंग एप्स का जाल तेजी से फैल रहा है। ठग अब इतने शातिर हो गए हैं कि वे बड़े-बड़े ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स की हूबहू नकल तैयार कर रहे हैं। SEBI ने इस खतरे को देखते हुए एक सख्त गाइडलाइन जारी की है। जानिए सरकार की ओर से जारी सलाह के बारे में विस्तार से...

विस्तार
SEBI warning on investment fraud:
अगर आप भी सोशल मीडिया पर लुभावने विज्ञापन देखकर किसी अनजान ट्रेडिंग एप पर पैसा लगा रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। ठग असली जैसा दिखने वाला फेक डैशबोर्ड दिखाकर आपको लाखों के चूने लगा रहे हैं। इसके लिए सरकार ने अब इनसे बचने के लिए तीन सुरक्षा मंत्र बताए हैं।
डिजिटल इंडिया के दौर में फेक ट्रेडिंग एप्स एक बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। ये एप्स असली निवेश प्लेटफॉर्म्स की नकल करते हैं और भारी रिटर्न का लालच देकर पैसा सीधे फ्रॉडस्टर्स के खातों में ट्रांसफर करवा लेते हैं। सेबी ने निवेशकों को आगाह किया है कि वे बैंक विवरण, यूपीआई आईडी और वैरिफाई लेबल की जांच किए बिना कोई निवेश न करें। किसी भी फ्रॉड की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत दर्ज करने की सलाह दी गई है।
कैसे काम करता है यह घोटाला और क्या है बचाव?
ऐसे बिछाया जाता है जाल
जालसाज सोशल मीडिया विज्ञापनों, व्हाट्सएप ग्रुप्स और टेलीग्राम के जरिए यूजर्स को निशाना बनाते हैं। ये एप्स दिखने में इतने असली होते हैं कि एक सामान्य यूजर के लिए फर्क करना नामुमकिन होता है। एप डाउनलोड करने के बाद यूजर को फेक प्रॉफिट दिखाया जाता है, ताकि वह और अधिक निवेश करे। लेकिन असल में, वह पैसा कभी मार्केट में जाता ही नहीं।
सुरक्षित रहने के लिए 3 जरूरी सावधानियां
- बैंक विवरण की क्रॉस-चेक: किसी भी प्लेटफॉर्म पर पैसा भेजने से पहले मार्केट रेगुलेटर्स के ऑफिशियल टूल्स का उपयोग करके बैंक डिटेल्स की सत्यता जांचें।
- यूपीआई क्रेडेंशियल्स की जांच: पेमेंट गेटवे और यूपीआई हैंडल की पहचान करें। फर्जी एप्स अक्सर संदिग्ध या मिसमैच्ड यूपीआई आईडी का इस्तेमाल करते हैं।
- वैरिफाइड लेबल का उपयोग: किसी भी ट्रेडिंग एप को इंस्टॉल करने से पहले उस पर वैरिफाइड लेबल या आधिकारिक सर्टिफिकेशन जरूर चेक करें। यह असली और नकली की पहचान का सबसे आसान तरीका है।
- सबसे पहले नेशनल साइबरक्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
- या फिर आप सरकार के आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें।