Digital Arrest: डिजिटल अरेस्ट करके की थी 11 करोड़ रुपये की ठगी, पुलिस ने तीन लोगों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि ठगों ने पीड़ित के आधार कार्ड का दुरुपयोग कर मनी लॉन्ड्रिंग के लिए बैंक खाते खोले। यह धोखाधड़ी 25 नवंबर से 12 दिसंबर 2024 के बीच हुई। पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया कि 11 नवंबर को उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) का अधिकारी बताया।

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नवंबर 2024 में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर से 'डिजिटल अरेस्ट' स्कैम के जरिए 11.8 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में धवल भाई शाह (34) को अहमदाबाद से, जबकि तरुण नटानी (24) और करण शामदासानी (28) को महाराष्ट्र के ठाणे जिले के उल्हासनगर से 10 जनवरी को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने बताया कि इन आरोपियों के अलग-अलग बैंक खातों से 3.7 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं और उनके गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। पुलिस के अनुसार इस गिरोह का संदिग्ध सरगना दुबई में हो सकता है और वहीं से वह अपना संचालन करता है। 39 वर्षीय पीड़ित विजय कुमार को आरोपियों ने लगभग एक महीने तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा।
पुलिस ने बताया कि ठगों ने पीड़ित के आधार कार्ड का दुरुपयोग कर मनी लॉन्ड्रिंग के लिए बैंक खाते खोले। यह धोखाधड़ी 25 नवंबर से 12 दिसंबर 2024 के बीच हुई। पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया कि 11 नवंबर को उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) का अधिकारी बताया।