अंग्रेजी को पीछे छोड़ तमिल बनी इंटरनेट की नंबर 1 भाषा

कई लोगों का मानना है कि इंटरनेट वही लोग यूज कर सकते हैं जिन्हें अंग्रेजी समझ में आती है, लेकिन वे इस बात से अनजान है कि भारत में इंटरनेट पर अंग्रेजी से ज्यादा हिन्दी और क्षेत्रीय भाषाओं का दबदबा बढ़ता जा रहा है। एक रिपोर्ट की मानें तो भारत के आधे इंटरनेट यूजर्स अंग्रेजी के बजाय हिन्दी या अपनी मातृभाषा में ऑनलाइन कंटेंट देखना और पढ़ना पसंद करते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2021 तक भारत में हिन्दी इंटरनेट यूजर्स की संख्या अंग्रेजी इंटरनेट यूजर्स से ज्यादा हो जाएगी।
ताजा आंकड़ों पर एक नजर

रिपोर्ट के मुताबिक 88 प्रतिशत भारतीय अंग्रेजी के बजाय क्षेत्रीय भाषा वाले विज्ञापन पर क्लिक करते हैं। 68 प्रतिशत यूजर्स अंग्रेजी के मुकाबले अपनी क्षेत्रिय भाषा में इंटरनेट यूज करना पसंद करते हैं। साल 2011 में भारत में अंग्रेजी इंटरनेट यूजर्स की संख्या 42 मिलियन थी जो 2016 में 234 मिलियन थी, वहीं 2011 में भारतीय भाषाओं के यूजर्स की संख्या जहां 68 मिलियन थी, वहीं 2016 में यह संख्या 175 मिलियन पहुंच गई।
सबसे आगे तमिल
भारत में अगर किसी भाषा में सबसे ज्यादा इंटरनेट का इस्तेमाल होता है तो वह है तमिल। रिपोर्ट में कहा गया है कि 42 फीसदी लोग तमिल भाषा में इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं।
हिन्दी - 39 प्रतिशत
कन्नड़- 37 प्रतिशत
बंगाली- 34 प्रतिशत
मराठी- 34 प्रतिशत
तेलुगू- 31 प्रतिशत
गुजराती- 28 प्रतिशत
मलयालम- 27 प्रतिशत