एपल की धमकी के बाद विस्ट्रॉन ने दिखाया अपने वीपी को बाहर का रास्ता

भारत में आईफोन उत्पादन का काम देखने वाली ताइवानी कंपनी विस्ट्रॉन ने शनिवार को अपने भारतीय बिजनेस का संचालन देख रहे उपाध्यक्ष (वीपी) को बाहर का रास्ता दिखा दिया। कंपनी ने यह कदम आंतरिक जांच में अपने यहां वेतन भुगतान की प्रक्रिया में गलती पाने के बाद उठाया है। कंपनी ने अपने कर्मचारियों से भी माफी मांगी है।
हालांकि इसे एपल के दबाव में की गई कार्रवाई माना जा रहा है, जिसने शनिवार को विस्ट्रॉन को निगरानी सूची में डालने की घोषणा की थी। साथ ही विस्ट्रॉन द्वारा अपने कर्मचारियों के हंगामा व तोड़फोड़ करने के कारणों को लेकर कोई कठोर कदम नहीं उठाने तक उसे आगे अपनी तरफ से काम नहीं देने की भी बात कही थी। एपल ने कहा, हमारी तरफ से नियुक्त किए गए स्वतंत्र ऑडिटरों और एपल कर्मचारियों ने लगातार काम करते हुए उस पूरी घटना की जांच की है, जो विस्ट्रॉन की नरसापुरा स्थित फैक्ट्री में घटी है।
एपल ने आगे कहा, जांच की प्राथमिक रिपोर्ट में विस्ट्रॉन के सप्लायर आचार संहिता का उल्लंघन करने की पुष्टि हुई है। कंपनी काम के घंटों के प्रबंधन के लिए उचित प्रक्रिया अपनाने में विफल रही, जो अक्तूबर और नवंबर में कुछ कर्मचारियों को देरी से भुगतान होने का कारण बन गया। हम बेहद निराश हैं और तत्काल इस मामले में कार्रवाई कर रहे हैं।
इसके बाद विस्ट्रॉन ने बयान जारी करते हुए कहा, हम भारत में हमारा व्यापार देखने वाले उपाध्यक्ष को हटा रहे हैं। हम अपनी प्रक्रिया को बढ़ा रहे हैं और अपनी टीमों का पुनर्गठन कर रहे हैं ताकि ऐसी घटना दोबारा घटित नहीं हो। बता दें कि इस फैक्ट्री में विस्ट्रॉन ने इसी साल के मध्य में कोरोना काल के कारण बाजार के प्रभावित होने के बावजूद कर्मचारियों की संख्या 2,000 से बढ़ाकर 9,000 कर दी थी। कंपनी ने कर्मचारियों की समस्याओं का हल निकालने के लिए कन्नड़, तेलुगू, तमिल, हिंदी और अंग्रेजी में 24 घंटे काम करने वाली ग्रीवेंस हॉटलाइन भी शुरू करने की घोषणा की है।
वेतन में गड़बड़ी से नाराज कर्मचारियों ने कर दी थी तोड़फोड़
बंगलूरू के करीबी जिले कोलार के नरसापुरा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित विस्ट्रॉन कॉरपोरेशन के विनिर्माण केंद्र में कर्मचारियों ने 12 दिसंबर को तोड़फोड़ कर दी थी। ये कर्मचारी अपने वेतन का भुगतान नहीं होने से नाराज थे। कर्नाटक में राजनीतिक दलों ने इसे मुद्दा बनाते हुए जांच कराने की मांग की थी। साथ ही यह डर जताया था कि इस घटना से राज्य की ‘निवेशक मित्र’ वाली छवि प्रभावित होगी। इसके बाद सोमवार को एपल ने पूरी घटना की अपने स्तर पर विस्तृत जांच करने की घोषणा कर दी थी। इस घटना को लेकर भारतीय सेलुलर व इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन और ईएलसीआईएनए ने विस्ट्रॉन का समर्थन किया था। इस मामले में अभी तक पुलिस ने 160 लोग गिरफ्तार किए हैं।
केंद्र सरकार की इंसेटिव लिंक्ड योजना वाली 16 कंपनियों में से एक
ताइवान की इलेक्ट्रॉनिक्स दिग्गज विस्ट्रॉन कंपनी एपल के अलावा लेनोवो और माइक्रोसॉफ्ट समेत कई अन्य बड़ी कंपनियों के लिए भी उत्पाद बनाती है। विस्ट्रॉन उन 16 कंपनियों में से एक है, जिन्हें हाल ही में केंद्र सरकार ने अपनी इंसेटिव लिंक्ड उत्पादन योजना के तहत मंजूरी दी है। फिलहाल विस्ट्रॉन की बंगलूरू स्थित कंपनी में एपल के आईफोन-7 का उत्पादन हो रहा है, जबकि कोलार स्थित फैक्ट्री में आईफोन एसई के ताजा संस्करण को असेंबल किया जाता है।