विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को जोड़ेगा 'लीप' ऐप, जानें इसके बारे में

'लीप' स्कूलों के लिए एक सस्ता और सरल तकनीकी विकल्प है, जो क्लासरूम के अनुभव को और बेहतर बनाएगा। अक्सर प्राइमरी स्कूल के बच्चे जब स्कूल जाते हैं, तो अभिभावकों को पूरा समय उनकी चिंता सताती रहती है। उनकी चिंता होती है कि वे सुरक्षित स्कूल पहुंचे या नहीं? क्लास के बाकी बच्चों के साथ उनके बच्चे घुल-मिल पा रहे हैं या नहीं? इसके अलावा शिक्षक उनके बच्चे की परफॉर्मेंस के बारे में क्या सोचते हैं? यह भी अभिभावक जानना चाहते हैं।
ये भी पढ़ेंः इस कंपनी ने 84GB डाटा वाले प्लान की वैलिडिटी घटाई
वहीं दूसरी ओर, शिक्षकों के लिए भी इतना आसान नहीं होता कि हर एक बच्चे पर ध्यान दे पाएं और यह सुनिश्चित कर पाएं कि क्लास में जो कुछ भी पढ़ाया जा रहा है, वह उन्हें समझ आ रहा है या नहीं? इसके अलावा स्कूल प्रशासन के लिए समस्या टीचर्स और बच्चों में ताल-मेल स्थापित करने की होती है। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए टैगहाइव कंपनी ने 'लीप' नाम का सिस्टम तैयार किया है। कंपनी के सीईओ पंकज अग्रवाल ने 'लीप' को डिजाइन किया है।
कमाल के हैं लीप ऐप के फीचर्स

अमर उजाला से बात करते हुए पंकज ने कहा, "चूंकि मेरी परवरिश भारत में हुई और आईआईटी कानपुर का छात्र रहा हूं, इसलिए भारतीय अभिभावकों की समस्या से मैं अच्छी तरह से परिचित हूं। इस ऐप को उसके अनुरूप ही तैयार किया है।" दक्षिण कोरिया में टैगहाइव कंपनी शुरू करने से पहले पंकज सैमसंग में काम करते थे और वे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट ग्रेजुएट भी हैं। वह कहते हैं कि हाल के दिनों में भारत के अभिभावकों में बच्चों को लेकर सुरक्षा का डर बढ़ा है।
'लीप' को कुछ इस तरह से डिजाइन किया गया है, कि इसकी मदद से बच्चों की कोर्स में रुचि बनी रहेगी। साथ ही अभिभावकों को भी अपने बच्चों की पूरी जानकारी मिलती रहेगी। इतना ही नहीं, इस सिस्टम से टीचर्स भी बच्चों की परफॉर्मेंस को आसानी से ट्रैक कर पाएंगे। इसकी मदद से बच्चे शिक्षकों से आसानी से अपनी बात कह पाएंगे, जिससे उन्हें पढ़ाई के लिए एक बेहतर माहौल मिल पाएगा।
ये भी पढ़ेंः Google के अलावा इन 5 सर्च इंजन को भी कर सकते हैं ट्राई
इस सिस्टम के तहत स्टूडेंट्स अपने यूनिक टैग के इस्तेमाल से अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं। इससे समय भी बचेगा और अभिवावकों की चिंता भी खत्म होगी कि उनके बच्चे स्कूल पहुंचे या नहीं? कुछ समझ न आने की स्थिति में बच्चे 'लीप' की मदद से सिर्फ एक बटन दबाकर अपने टीचर्स को बता पाएंगे। साथ ही टीचर्स से मदद भी मांग पाएंगे, वह भी बिना किसी संकोच के। 'लीप' की मदद से अभिभावकों को भी अपने बच्चों की रिपोर्ट मिलती रहेगी कि आखिर बच्चे स्कूल में कैसा कर रहे हैं? हालांकि यह ऐप अभी भारत में प्ले-स्टोर पर उपलब्ध नहीं है।