Court Order: सुप्रीम कोर्ट ने इंटरनेट कीमतों को रेगुलेट करने की याचिका खारिज की, कहा- 'यह फ्री मार्केट है'
Supreme Court Order: सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच ने सोमवार को इंटरनेट प्राइस को रेगुलेट करने की एक याचिका को खारिज कर दिया।

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सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच ने सोमवार को देश में इंटरनेट की कीमतों को रेगुलेट करने की मांग करने वाली याचिका पर विचार करने से मना कर दिया। भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की पीठ ने रजत नामक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं के पास इंटरनेट सेवाओं का लाभ उठाने के लिए कई विकल्प हैं।
कॉम्पिटीशन कमीशन निकालेगा समाधान
बेंच ने कहा, "यह एक फ्री मार्केट है। यहां ग्राहकों के पास कई विकल्प हैं। बीएसएनएल और एमटीएनएल भी आपको इंटरनेट दे रहे हैं।" याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि बाजार के अधिकांश हिस्से पर जियो और रिलायंस का नियंत्रण है। इसपर बेंच ने कहा, "अगर आप आप कार्टेलाइजेशन का आरोप लगा रहे हैं, तो कॉम्पिटीशन कमीशन ऑफ इंडिया के पास जाएं।
हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता अगर उचित वैधानिक उपाय का सहारा लेना चाहता है, तो वह ऐसा करने के लिए स्वतंत्र है।
टेलिकॉम में जियो सबसे बड़ी हिस्सेदार
भारतीय टेलिकॉम सेक्टर में रिलायंस जियो (Reliance Jio) सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखती है। टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2023-2024 के दौरान कुल इंटरनेट ग्राहकों की 50.40 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी रिलायंस जियो के पास थी। इसके बाद भारती एयरटेल 30.47 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर थी।
TRAI की 2023-2024 वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2024 के अंत में भारत में इंटरनेट ग्राहकों की कुल संख्या बढ़कर 954.40 मिलियन (95.44 करोड़) हो गई, जो मार्च 2023 के अंत में 881.25 मिलियन (88.12 करोड़) की तुलना में 8.30 प्रतिशत अधिक थी।