नहीं रुकी स्टारलिंक की भारत में एंट्री: अफवाहों पर एलन मस्क की कंपनी ने दी सफाई, कहा- सरकार के साथ बातचीत जारी

Nitish Kumar
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीNitish Kumar
Wed, 10 Jun 2026 04:07 PM IST
सार

Starlink In India:

एलन मस्क की स्टारलिंक ने भारत में अपनी इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाने वाली मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है। कंपनी की वाइस प्रेसिडेंट लॉरेन ड्रायर ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार के साथ बातचीत बेहद सकारात्मक है। सुरक्षा नियमों के तहत भारत के लिए एक विशेष घरेलू डेटा रूटिंग मॉडल तैयार किया गया है और अब केवल अंतिम तकनीकी मंजूरी का इंतजार है।

विज्ञापन
starlink denies india launch freeze reports active talks with government for satellite internet
स्टारलिंक ने अफवाहों पर दी सफाई - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक (Starlink) ने भारत में अपनी कमर्शियल सर्विस की मंजूरी रुकने की तमाम खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। कंपनी ने साफ किया है कि भारत सरकार के साथ उनकी बातचीत बेहद सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। स्टारलिंक को देश के दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने के उसके मिशन के लिए सरकार की तरफ से काफी उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है। फिलहाल कंपनी को भारत में अपनी सेवाएं आधिकारिक तौर पर शुरू करने के लिए अंतिम रेगुलेटरी क्लीयरेंस और स्पेक्ट्रम आवंटन का इंतजार है।

    दरअसल, हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि गृह मंत्रालय के तहत आने वाली सुरक्षा एजेंसियों ने स्टारलिंक को मिलने वाली अंतिम मंजूरी को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। इन खबरों में कहा गया था कि ईरान संघर्ष के दौरान बिना लाइसेंस के स्टारलिंक टर्मिनल्स के इस्तेमाल को लेकर भारत सरकार सुरक्षा कारणों से चिंतित है। इसी वजह से मंजूरी पर रोक लगाने की अफवाह उड़ी थी, जिस पर अब कंपनी ने खुद सामने आकर विराम लगा दिया है।

    विज्ञापन

    गुमनाम सूत्रों की खबरों को बताया भ्रामक

    स्टारलिंक की बिजनेस ऑपरेशंस वाइस प्रेसिडेंट लॉरेन ड्रायर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट के जरिए इन दावों को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने कहा, "गुमनाम सूत्रों के हवाले से जो दावे किए जा रहे हैं, वे पूरी तरह निराधार और भ्रामक हैं। स्टारलिंक की भारत सरकार के साथ बातचीत बेहद सक्रिय और रचनात्मक रही है। हमने सभी जरूरी कानूनी और अनुपालन प्रक्रियाओं को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ पूरा किया है।"

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    लॉरेन ड्रायर ने आगे बताया कि कंपनी को सरकार की तरफ से अब तक केवल सकारात्मक प्रतिक्रिया ही मिली है। भारत के उन सुदूर इलाकों में जहां पारंपरिक केबल या मोबाइल नेटवर्क नहीं पहुंच पाता, वहां स्टारलिंक का सैटेलाइट इंटरनेट गेम-चेंजर साबित हो सकता है। कंपनी भारत में अपनी सेवाएं जल्द से जल्द शुरू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    भारत के लिए तैयार किया है खास मॉडल

    • देश के भीतर ही रहेगा डेटा:भारतीय नियमों के मुताबिक, स्टारलिंक नेटवर्क का इस्तेमाल करने वाले भारतीय यूजर्स का सारा इंटरनेट ट्रैफिक देश के बाहर नहीं जाएगा। इसे विशेष रूप से भारत के भीतर ही स्थापित ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर (अर्थ स्टेशन) के जरिए रूट किया जाएगा।
    • सुरक्षा नियमों का पूरा पालन:कंपनी ने भारत की रणनीतिक प्राथमिकताओं और तकनीकी नियमों के अनुसार एक बेस्पोक डिप्लॉयमेंट मॉडल तैयार किया है, ताकि सुरक्षा एजेंसियों को निगरानी या डेटा कंट्रोल को लेकर कोई शिकायत न रहे।

    क्या है स्टारलिंक और कैसे बदल रहा है इंटरनेट की दुनिया?

    • स्टारलिंक, एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) की सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवा है। यह पृथ्वी की निचली कक्षा (Low Earth Orbit) में मौजूद हजारों सैटेलाइट्स के नेटवर्क के जरिए इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराती है।
    • पारंपरिक सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं की तुलना में स्टारलिंक कम लेटेंसी और बेहतर स्पीड देने का दावा करती है। यही वजह है कि यह वीडियो स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन गेमिंग और रियल-टाइम कम्युनिकेशन जैसी सेवाओं के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
    • वर्तमान में स्टारलिंक दुनिया के कई देशों में सेवाएं दे रही है। इसका उपयोग दूरस्थ इलाकों में इंटरनेट पहुंचाने के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों में संचार सेवाएं बहाल करने के लिए भी किया जाता रहा है।
    और पढ़ें...
    Login or Signup
    अपना शहर चुनें