स्पर्म स्टोर करने वाले इस स्टार्टअप को मिली 35 करोड़ रुपये की फंडिंग

बांझपन के इलाज के लिए दुनियाभर में तमाम तरह की टेक्नोलॉजी आ गई हैं और इसके लिए कई तरह के इनोवेशन भी हुए हैं जिनमें पुरुष प्रजनन क्षमता पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इसी कड़ी में एक स्टार्टअप सामने आया है जो स्पर्म को स्टोर करता है। Dadi नाम का यह स्टार्ट अचानक से चर्चा में 35 करोड़ रुपये की फंडिंग मिलने को लेकर है। Dadi स्टार्टअप के सह-संस्थापक टॉम स्मिथ ने अंग्रेजी वेबसाइट टेक क्रंच को बताया कि समाज बड़े पैमाने पर प्रजनन क्षमता के विषय को नहीं समझता है। लोग इसे एक महिला मुद्दे के रूप में देखते हैं।
Dadi को चेरिन ग्रुप की ओर से 5 मिलियन डॉलर यानी करीब 35,34,30,000 रुपये की फंडिंग मिली है। बता दें कि चेरिन ग्रुप मीडिया, इंटरटेनमेंट और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में निवेश करती है। इसके सीईओ को अमेरिकन बिजनेसमैन पीटर चेर्निन हैं। बता दें कि घर पर जाकर बांझपन की जांच करने और स्पर्म स्टोरेज किट उपलब्ध कराने वाली इस Dadi स्टार्टअप को इसी साल की शुरुआत में जनवरी में 14 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली थी। Dadi का मुकाबला इसी तरह के एक अन्य स्टार्टअप Legacy के साथ होगा।
अन्य स्टार्टअप की तरह ही Dadi और Legacy डायरेक्ट टू कंज्यूमर बिजनेस मॉडल पर काम कर रही हैं और पुरुषों को उनकी प्रजनन क्षमता के बारे में शिक्षित कर रही हैं। ये दोनों कंपनियां लोगों को ऑनलाइन स्पर्म कलेक्शन किट उपलब्ध कराती हैं और दोनों कंपनियां स्पर्म स्टोरेज की भी सुविधा देती हैं। शुल्क की बात करें तो एक साल के लिए स्पर्म स्टोरेज और टेस्टिंग के लिए Dadi 199.98 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 14,135 का शुल्क लेती है, जबकि Legacy लोगों से क्लिनिकल फर्टिलिटी एनालिसिस और लाइफस्टाइल में बदलाव के लिए सुझाव देने के लिए 350 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 24,738 रुपये चार्ज करती है। लीगेसी में स्पर्म को स्टोर करने के लिए हर महीने $20 यानी करीब 1,413 रुपये देने होंगे।