इस बार आईपीएल पर मोबाइल कंपनियों का कब्जा

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यह आईपीएल, इस बार मोबाइल हैंडसेट निर्माताओं के नाम है। ओपो विवो, लावा, माइक्रोमैक्स और लाइफ जैसे ब्रांड टी 20 लीग मैचों के दौरान विज्ञापन के अलावा आठ टीमों में से छह के प्रायोजक भी हैं। एक भारतीय मोबाइल फोन निर्माता इंटेक्स ने इस बार आईपीएल में अपनी टीम भी उतारी है।
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक आईपीएल का पिछला सत्र ई-कॉमर्स की बड़ी कंपनियों जैसे फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, अमेजन, कारदेखो, कारट्रेड, पेटीएम, शॉपक्लू, मिंत्रा के नाम रहा था। जिसमें प्रसारणकर्ता ने कुल विज्ञापन राजस्व का लगभग 23 प्रतिशत इन ब्रांड के जरिए कमाया।
रोहित गुप्ता, सोनी पिक्चर्स नेटवर्क के अध्यक्ष का कहना है कि इस साल, हैंडसेट कैटगरी हमारे विज्ञापन राजस्व में सभी श्रेणियों में सबसे ज्यादा 20% के आसपास बना रहा है।
गुप्ता का कहना है कि इस साल प्रायोजक के रूप में ओपो ने प्रति मैच 240 सेकंड का करार किया है, जो इस बार आईपीएल में अब तक का सर्वाधिक है। अन्य दो प्रायोजकों में वोडाफोन और अमेजन प्रति मैच 210 सेकंड का समय ले रहे हैं।
कौन सा ब्रांड किस टीम के साथ

विनीत कार्णिक, ईएसपी प्रॉपर्टीज में बिजनेस हेड, स्पोर्ट्स एंड इंटरटेनमेंट कंसलटल्सी मीडिया मैनेजमेंट कंपनी ग्रुप एम का कहना है कि इस वर्ष आईपीएल पर मोबाइल कंपनियों का कब्जा है। वे बताते हैं कि ये हैंडसेट ब्रांड सिर्फ ऑन एयर विज्ञापन में शामिल नहीं हैं। "शीर्षक प्रायोजक विवो एक हैंडसेट निर्माता है। और लगभग हर आईपीएल टीम इसके साथ एक मोबाइल हैंडसेट ब्रांड जुड़ा है। इंटेक्स दो नई टीमों में से एक का मालिक है। ये मोबाइल कंपनियां आईपीएल के सभी पहलुओं में इस वर्ष में मौजूद हैं।
उदाहरण के लिए कार्बन मोबाइल दिल्ली डेयरडेविल्स टीम कर प्रमुख भागीदार है। जियोनी कोलकाता नाइट राइडर्स की जर्सी पर है, एचटीसी किंग्स इलेवन पंजाब के साथ, रिलायंस समूह की इन-हाउस हैंडसेट निर्माता लाइफ ने तीन टीमों मुंबई इंडियंस, राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूर के साथ करार किया है। कार्णिक ने कहा, "ये ब्रांडों आईपीएल के कनेक्ट युवाओं को टारगेट करना चाहते हैं।"
तरुण पाठक काउंटरप्वाइंट रिसर्च में वरिष्ठ विश्लेषक का कहना है कि हालांकि 2015 में भारत में प्रतिस्पर्धी स्मार्टफोन कंपनियों की संख्या अब तक सबसे ज्यादा चर्म पर रही। महानगरों और टियर 1 शहरों को छोड़कर 90 प्रतिशत कंपनियों की कोई पहचान नहीं है। कड़ी प्रतिस्पर्धा, बदलते रणनीतियों और चीनी कंपनियों ने बड़े निवेश बजट के साथ रीब्रांडिंग की है, देश की आम जनता तक अपनी पहुंच बनाने के लिए आईपीएल स्पष्ट रूप से सबकी पसंद है, जिस देश में क्रिकेट एक धर्म की तरह हो।
दस सेकंड विज्ञापन के दाम

मीडिया प्लानर्स के मुताबिक, सोनी को आइपीएल 9 से 1,200 करोड़ रुपये कमाने की उम्मीद है, पिछले साल यह 1,000 करोड़ रुपये थी। गुप्ता ने राजस्व आंकड़ों पर टिप्पणी करने से इनकार किया है।
गुप्ता का कहना है कि सोनी के लिए इस साल राजस्व में वृद्धि की संभावना है। हाई डेफिनेशन के साथ-साथ नार्मल फीड पर विज्ञापन की दरों में वृद्धि हुई है। इस साल 15-20% तक दरों में वृद्धि हुई है और सभी टाइम स्लॉट की बिक्री हो चुकी है।
गुप्ता के अनुसार एचडी दरों की बात करें तो इसमें दोगुने से भी अधिक की वृद्धि हुई है, पिछले साल 75,000 प्रति 10 सेकंड थे जो इस साल 1.75-2 लाख प्रति 10 सेकंड है। यह सोनी के राजस्व के लिए अच्छा संकेत है। स्टैंडर्ड डेफिनेशन की दरें 5.75 लाख प्रति 10 सेकंड हैं।