Streffie: सिर्फ चेहरा देख कर तनाव बता देगा ये डिवाइस, सोल वेलनेस ने आईएमसी में पेश किया 'स्ट्रेफी'

सुयश पांडेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीसुयश पांडेय
Fri, 10 Oct 2025 07:47 PM IST
सार

सोल वेलनेस ने आईएमसी 2025 में भारत का पहला एआई-सक्षम स्ट्रेस मॉनिटर 'स्ट्रेफी' लॉन्च किया। यह चेहरे के माइक्रो एक्सप्रेशंस से रियल टाइम में तनाव का स्तर मापता है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य अब तकनीकी रूप से और भी सशक्त हो गया है।

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Solh Wellness Launches First AI Based Stress Monitoring Device at IMC
SOLH WELLNESS - फोटो : SOLH WELLNESS

    विस्तार

    अब तक जहां ऐसा दावा होता रहा है कि तकनीक के ज्यादा इस्तेमाल से तनाव बढ़ जाता था अब इसी तकनीक का इस्तेमाल कर तनाव कम करने की तैयारी हो रही है। दिल्ली में हो रहे इंडियन मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2025 में इसकी एक झलक दिखी। इस आयोजन के दौरान कई तरह के इनोवेशन देखने को मिले, किसी ने पूरी तरीके से एआई पर फोकस किया तो किसी ने इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) पर, किसी ने 5G और 6G टेक्नोलॉजी पर फोकस किया तो किसी ने रोबोटिक्स पर। इन सब के बीच में एक टेक्नोलॉजी ऐसी भी थी जिसने उस मुद्दे पर फोकस किया जिसके बारें में ज्यादा बात नहीं होती और जिसकी समाज को सख्त जरूरत है। सोल वेलनेस ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025 के मंच से देश का पहला एआई-आधारित स्ट्रेस मॉनिटरिंग डिवाइस 'स्ट्रेफी' लॉन्च किया। यह डिवाइस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से व्यक्ति के तनाव स्तर (stress level) को रियल टाइम में मापने में सक्षम है।

    एआई की मदद से कैसे घटेगा तनाव?

    सोल वेलनेस एक अग्रणी भारतीय हेल्थटेक स्टार्टअप है, जो एआई की मदद से स्ट्रेस और मानसिक स्वास्थ्य को मापने, समझने और मैनेज करने का काम करता है।

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    इसका इकोसिस्टम शामिल है:

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    • स्ट्रेफी कियोस्क
    • सोल एप
    • स्मार्ट एआई डैशबोर्ड
    • रीच एआई फ्रेमवर्क

    इसके अलावा, प्लेटफॉर्म पर सोल बड्डी और प्रारंभ लाइफ रिकवरी प्रोग्राम जैसी पहलें भी हैं जो मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में ध्यान दे रही हैं और मानसिक स्वास्थ्य को लोगों तक आसानी से पहुंचाने और समाज के लिए आसान बनाने की दिशा में काम कर रही हैं।

    कियोस्क पर चेहरा देखते ही ‘स्ट्रेफी’ बताएगा आप कितने तनाव में?

    ‘स्ट्रेफी’ एक स्मार्ट एआई-से चलने वाला कियोस्क है जो व्यक्ति के चेहरे के 68 माइक्रो एक्सप्रेशन्स और पॉइंट्स की जांच करके स्ट्रेस लेवल को पहचानता है। यह तकनीक चेहरे की छोटी-छोटी हरकतों को ट्रैक कर उन्हें डेटा इनसाइट्स में बदल देती है, जिससे व्यक्ति, संस्थान या संगठन तनाव को पहचान, ट्रैक और मैनेज कर सकते हैं। सोल वेलनेस के प्रवक्ता ने लॉन्च के दौरान कहा, “स्ट्रेफी तकनीक और भावनाओं का संगम है। इसके जरिए हम तनाव को 'दिखने लायक', 'मापने लायक' और 'काबू में लाने लायक' बना रहे हैं।"

    स्ट्रेफी

    SOLH WELLNESS
    SOLH WELLNESS - फोटो : SOLH WELLNESS

    एआई इकोसिस्टम विकसित कर डिप्रेशन दूर करने की तैयारी

    स्ट्रेफी, सोल वेलनेस के एआई-सक्षम स्ट्रेस मैनेजमेंट इकोसिस्टम का हिस्सा है। इस इकोसिस्टम में शामिल हैं:

    • सोल एप: पर्सनल मेंटल हेल्थ सपोर्ट के लिए
    • स्मार्ट एआई डैबोर्ड: संस्थानों और कंपनियों के लिए डेटा विश्लेषण
    • रीच एआई फ्रेमवर्क: स्केलेबल और प्रिवेंटिव स्ट्रेस मैनेजमेंट

    ये सभी समाधान मिलकर व्यक्तियों और संस्थाओं को स्ट्रेस की शुरुआती पहचान, रोकथाम और समाधान में मदद करते हैं।

    तकनीक की मदद से मानसिक स्वास्थ्य होगा बेहतर

    सोल वेलनेस के सीईओ और सह-संस्थापक कपिल गुप्ता ने कहा, "एआई हमें तनाव और मानसिक दबाव के शुरुआती संकेत देखने में मदद करता है जो अब तक अदृश्य थे लेकिन केवल डेटा पर्याप्त नहीं है। असली बदलाव तब आता है जब एआई के साथ दया का जुड़ाव होता है। वहीं से असली ट्रांसफॉर्मेशन शुरू होता है।" उन्होंने बताया कि सोल का उद्देश्य एआई को एम्पथी (सहानुभूति) के साथ जोड़कर समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

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