लदेंगे स्मार्टफोन के दिन, लौटेगा फ्लिप फोन?

निक क्लेटन, बीबीसी कैपिटल
Mon, 02 May 2016 09:58 AM IST
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Smartphone Vs Flip Phone, Will Flip Phone Return Back
स्मार्टफोन बनाम फ्लिप फोन

    आज स्मार्टफोन का जमाना है। हर इंसान इसे लेना और इसे इस्तेमाल करना चाहता है। खास तौर से युवा वर्ग तो नए से नया स्मार्टफोन लेने को बेताब रहता है। स्मार्टफोन के इस दौर में बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो इन्हें छोड़कर पुराने मोबाइल फोन की तरफ लौट रहे हैं। मशहूर निवेशक वॉरेन बफेट से लेकर ब्लैकस्टोन के स्टीफेन स्वार्जमैन तक, बड़े-बड़े लोग स्मार्टफोन से दूरी बना रहे हैं।

    अमरीका के डैनी ग्रोनर को ही लीजिए। वो करोड़ों डॉलर की बेहद कामयाब स्टार्टअप कंपनी ''शटरस्टॉक'' में मैनेजर हैं। न्यूयॉर्क की मशहूर एंपायर स्टेट बिल्डिंग में उनका शानदार दफ्तर है। मगर वो न्यूयॉर्क में रहने वाले गिने चुने लोगों में हैं जिनके हाथ में स्मार्टफोन नहीं दिखेगा। ऐसा नहीं कि डैनी की उम्र कोई ज्यादा हो। वो महज 32 बरस के हैं। स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों के आदर्श ग्राहक।

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    आखिर डैनी क्यों स्मार्टफोन से दूरी बनाए हुए हैं? उनका जवाब साफ है। डैनी कहते हैं कि वो रोज दफ्तर में 13-14 घंटे लैपटॉप के साथ बिताते हैं। इसके बाद भी उन्हें चमकदार स्क्रीन पर आंखें न गड़ानी पड़ें, इसीलिए वो स्मार्टफोन नहीं रखते।

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    हालांकि डैनी ये मानते हैं कि ये बड़ा मुश्किल काम है। डैनी कहते हैं कि हर कोई उनके जैसे ही स्मार्टफोन से दूरी बना लेगा तो आज बहुत से काम हो ही नहीं पाएंगे। हालांकि वो यह भी कहते हैं कि स्मार्टफोन से दूरी बनाकर वो बेहतर कामकाजी बन गए हैं। डैनी कहते हैं कि स्मार्टफोन आज के दौर में सबसे असरदार गैजेट है।

    स्मार्टफोन ने काम बढ़ाया या कम किया?

    लदेंगे स्मार्टफोन के दिन, लौटेगा फ्लिप फोन?

    हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में मनोविज्ञान की प्रोफेसर डॉक्टर हॉली पार्कर कहती हैं कि स्मार्टफोन की जगह बेसिक फोन का इस्तेमाल करके हम घर और दफ्तर की दुनिया में फर्क कर सकते हैं। डॉक्टर हॉली कहती हैं कि आपको हर वक्त दफ्तर से जुड़े रहने की जरूरत नहीं।

    अगर कंपनियां, अपने कर्मचारियों को लगातार दफ्तर से जुड़े रहने पर मजबूर नहीं करतीं, तो उनका काम बेहतर ही होता है। वो घर जाकर, परिवार के साथ वक्त बिताकर दफ्तर का तनाव कम कर पाते हैं। इससे कंपनी को ही फायदा होता है।

    अमेरिका के वकील डेविड रेयान पॉल्गर कहते हैं कि फ्लिप या बेसिक फोन आपकी आजादी का एलान करते हैं। वो दुनिया को बताते हैं कि आप स्मार्टफोन के गुलाम नहीं। चीजें आपके नियंत्रण में हैं। न कि, आप स्मार्टफोन के कब्जे में।

    हालांकि रेयान यह भी कहते हैं कि स्मार्टफोन की गुलामी से छुटकारा पाने का एक और तरीका है। वो ये कि आप इसे खुद से दूर रखें। हमेशा स्मार्टफोन पर लगे रहने वाला इंसान और बेसिक मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वाले शख्स में फर्क ये है कि बिना स्मार्टफोन वाला इंसान अपनी ताकत और आजादी का एलान कर रहा होता है। फ्लिप फोन आज स्टेटस सिंबल बन गए हैं।

    वैसे स्मार्टफोन साथ रखकर भी इससे दूरी बनाना बड़ी बात है। मुश्किल है। मगर एक बार आपने ये कर लिया तो बहुत सी चीजें आपकी पहुंच में होंगी। कई देशों में तो ये कानून बनाने की बात भी हो रही है कि लोगों को अपने स्मार्टफोन बंद करने का हक होना चाहिए। फ्रांस में तो ऐसे कानून का मसौदा भी तैयार कर लिया गया है।

    ये आदत बुरी है, अभी बदल डालो!

    लदेंगे स्मार्टफोन के दिन, लौटेगा फ्लिप फोन?

    आपको ये जानकर हैरानी होगी कि फ्रांस में इस कानून का प्रस्ताव किसी मजदूर यूनियन का नहीं। ये सुझाव असल में वहां की बड़ी संचार कंपनी ऑरेंज के डिप्टी डायरेक्टर के ब्रूनो मेटलिंह का है। ब्रूनो ने पिछले साल सितंबर में फ्रांस के श्रम मंत्रालय को एक प्रस्ताव दिया था।

    उन्होंने ये कहा था कि यूं तो हर वक्त स्मार्टफोन पर बने रहने का नियम किसी कंपनी में नहीं है। मगर लोगों पर काम का इतना दबाव होता है कि वो खुद इसकी आदत डाल लेते हैं। हर वक्त स्मार्टफोन चेक करते रहते हैं।

    वैसे कानूनी सुरक्षा के बावजूद बहुत मुमकिन है कि लोग स्मार्टफोन से दूरी न बना पाएं। कभी ई-मेल तो कभी मैसेज या फिर सोशल नेटवर्किंग साइट्स के नोटिफिकेशन चेक करने का लालच तो बना ही रहेगा।

    मशहूर कंपनी, ''एक्सेंचर'' की प्रमुख एचआर ऑफिसर एलिन शूक को ही ले लीजिए। उन्होंने बहुत कोशिश की कि अपने आई-फोन को अपने सिरहाने से दूर रख सकें। मगर वो ऐसा करने में नाकाम रहीं। फिर उन्होंने एक पुराने टाइप का फ्लिप फोन खरीद लिया।

    क्या आप अपना स्मार्टफोन छोड़कर पुराने टाइप का फोन लेंगे?

    लदेंगे स्मार्टफोन के दिन, लौटेगा फ्लिप फोन?

    ये एलिन के लिए स्मार्टफोन का कोई स्थायी विकल्प नहीं था। हां, घर जाकर वो जरूर आईफोन बंद करके रख देती थीं और ये फ्लिप फोन अपने पास रखती थीं। एलिन के लिए ये नुस्खा कामयाब रहा।

    नई के बजाय पुरानी तकनीक वाला फोन इस्तेमाल करके उन्होंने अपने वक्त का भरपूर फायदा उठाया। कई बार उन्होंने अपना वीकेंड समंदर किनारे बिताया, बिना फोन चेक किए।

    वहीं, ''शटरस्टॉक'' के डैनी ग्रोनर कहते हैं कि वो कभी स्मार्टफोन नहीं लेंगे। बहुत से लोग उन्हें सलाह देते हैं कि वो एक स्मार्टफोन ले लें। इसे बंद करके सिर्फ अपनी जेब में रखें। खोलने का लालच न करें। मगर ग्रोनर को लगता है कि ऐसा करेंगे तो धीरे-धीरे वो उसका इस्तेमाल भी शुरू कर देंगे। फिर उसकी लत पड़ने में भी देर नहीं लगेगी।

    तो, आपने क्या सोचा? क्या आप अपना स्मार्टफोन छोड़कर पुराने टाइप का फोन लेंगे? या फिर एक्सेंचर की एलिन की तरह स्मार्टफोन पास रखकर भी उससे दूरी बनाएंगे?

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