Side effects of Smartphone: आंखों के लिए किसी धीमे जहर से कम नहीं है स्मार्टफोन, अपनाएं 20-20 नियम

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Mon, 23 Sep 2024 03:23 PM IST
सार

स्मार्टफोन का अधिक इस्तेमाल आंखों के फोकस करने की क्षमता को प्रभावित करता है, जिससे बच्चों और युवाओं में निकट दृष्टिदोष (मायोपिया) की समस्या बढ़ रही है। इससे दूर की वस्तुएं धुंधली दिखाई देने लगती हैं।

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Smartphone is no less than a slow poison for the eyes follow the 20 20 rule
Side effects of Smartphone - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    स्मार्टफोन आज हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा हो गया है लेकिन आपको इस बात का अंदाजा भी नहीं होगा कि यह आपको कब अपनी जिंदगी से निकाल देगा। औसतन स्मार्टफोन यूजर्स हर दिन अपने फोन पर 5 घंटे सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं जो कि किसी मीठे जहर से कम नहीं है। स्मार्टफोन का लगातार और लंबे समय तक इस्तेमाल आंखों के लिए कई प्रकार से हानिकारक हो सकता है। आइए जानते हैं कि स्मार्टफोन आंखों को कैसे नुकसान पहुंचा सकता है...

    1. डिजिटल आई स्ट्रेन:लगातार स्मार्टफोन स्क्रीन पर देखने से आंखों में थकान, जलन और सूखापन महसूस होता है। इसे डिजिटल आई स्ट्रेन या कंप्यूटर विजन सिंड्रोम भी कहा जाता है।
    2. ब्लू लाइट का प्रभाव:स्मार्टफोन स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट सीधे आंखों पर पड़ती है। लंबे समय तक ब्लू लाइट के संपर्क में रहने से आंखों में जलन, सिरदर्द और नींद न आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यह आंखों की रेटिना पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
    3. मायोपिया (निकट दृष्टिदोष):स्मार्टफोन का अधिक इस्तेमाल आंखों के फोकस करने की क्षमता को प्रभावित करता है, जिससे बच्चों और युवाओं में निकट दृष्टिदोष (मायोपिया) की समस्या बढ़ रही है। इससे दूर की वस्तुएं धुंधली दिखाई देने लगती हैं।
    4. आंखों में सूखापन:स्मार्टफोन पर लगातार नजर रखने से आंखें सामान्य से कम बार झपकती हैं, जिससे आंखों में सूखापन और जलन महसूस होती है। यह सूखी आंखों की समस्या को बढ़ा सकता है।
    5. नींद पर प्रभाव:स्मार्टफोन का इस्तेमाल सोने से पहले करने से आंखों पर जोर पड़ता है और ब्लू लाइट की वजह से मेलाटोनिन हार्मोन के उत्पादन में कमी आ जाती है, जो नींद की गुणवत्ता को खराब कर सकती है।
    6. ग्लूकोमा और मोतियाबिंद का खतरा:कुछ शोधों के अनुसार, लंबे समय तक स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने से आंखों की मांसपेशियों पर तनाव बढ़ सकता है, जिससे ग्लूकोमा और मोतियाबिंद जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
    1. 20-20-20 नियम: हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखने की आदत डालें।
    2. ब्लू लाइट फिल्टर का इस्तेमाल: स्क्रीन पर ब्लू लाइट फिल्टर ऑन करें या नाइट मोड का इस्तेमाल करें।
    3. ब्रेक लें: लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करते समय बीच-बीच में ब्रेक लें।
    4. स्क्रीन की ब्राइटनेस सेट करें: स्क्रीन की ब्राइटनेस को वातावरण के अनुसार सेट करें।
    5. आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल: यदि आंखों में सूखापन महसूस होता है, तो डॉक्टर से बात करके आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें।
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