स्मार्टफोन की बैटरी खपत के बारे में दूर करें यह गलतफहमी

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एपल ने पुष्टि की है कि आईफ़ोन फ़ोन पर खोले गए ऐप का इस्तेमाल नहीं करने से आई-फ़ोन बैटरी के ख़र्च पर कोई असर नहीं पड़ता।
एपल के एक उपभोक्ता ने कंपनी के मुखिया टिम कुक को ईमेल करके पूछा था।
अमरीका के ओहायो के रहने वाले कैलेब ने टिम कुक से पूछा था कि क्या 'मल्टीटास्किंग ऐप' बंद करने से बैटरी की ज़िंदगी बढ़ाई जा सकती है।
उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या टिम कुक भी ऐसा करते हैं।
एपल के वरिष्ठ वाइस प्रेसिडेंट क्रेग फ़ेदरिगी ने जवाब में लिखा, "नहीं और नहीं।"

क्रेग फ्रेदरिगी आईओएस और ओएस एक्स सिस्टम की निगरानी करते हैं। दूसरे स्मार्टफ़ोन में ऐप बंद करने से फ़ोन की बैटरी का ख़र्च बचाया जा सकता है।
नोकिया लूमिया में बैटरी बचाने के लिए माइक्रोसॉफ़्ट वेब पेज पर खोले गए ऐसे ऐप बंद करने की सलाह दी है, जो इस्तेमाल न हो रहे हों।
क्या है एंड्रॉयड कहना

गूगल के एंड्रॉयड में अक्सर इस्तेमाल न होने वाले ऐप को बंद करने की सलाह दी जाती है, हालांकि ऐप पर नज़र रखने वाले 'ओवरव्यू' को बार-बार खोलने पर बैटरी ज़्यादा खर्च हो सकती है।
सैमसंग गैलेक्सी-6 के स्मार्ट मैनेजर ऐप में ग़ैरज़रूरी ऐप और इस्तेमाल किए जा रहे ऐप को बंद करके अपने डिवाइस की क्षमता बढ़ाई जा सकती है।
वहीं, एपल इस्तेमाल करने वालों के लिए बैटरी कम ख़र्च करने के मक़सद से ऐप बंद करने की सलाह नहीं दी जाती।
कैलेब ने वेबसाइट 9टू5मैक को एपल कंपनी के टॉप अधिकारी के साथ इस संवाद के बारे में बताया। रिपोर्टर बेन्जामिन मेयो ने कहा, "तकनीकी स्तर पर, ज़्यादातर ऐप रैम में
फ़्रॉज़न होते हैं या चल ही नहीं रहे होते। सिस्टम उन्हें सिर्फ हिस्ट्री के तौर पर दिखाता रहता है। इसलिए इनका बैटरी के ख़र्च पर कोई ख़ास असर नहीं दिखता।"
कैलेब ने कहा कि उन्हें अंदाज़ा नहीं था कि उनके ईमेल पर इतना ध्यान दिया जाएगा।