सावधान: आपके फोन कॉल की कभी भी हो सकती है टैपिंग, वैज्ञानिकों के दावे के बाद मचा हड़कंप

विशाल मैथिल
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीविशाल मैथिल
Tue, 11 Oct 2022 05:11 PM IST
सार

रिसर्चर का दावा है कि इस सेंसर की मदद से कॉल के दूसरी तरफ के व्यक्ति की बात को 83 प्रतिशत सटीकता के साथ सुना जा सकता है। यानी इस सेंसर की मदद से आपके फोन की कन्वर्सेशन की जासूसी संभव है।

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Scientists eavesdrop on phone calls remotely with the help of sensor
mobile phone - फोटो : pexels.com

    विस्तार

    रिसर्चर ने मोबाइल फोन के इयरपीस के कंपन को पढ़ने और कन्वर्सेशन का पता लगाने के लिए एक नई तकनीक की खोज की है। इस तकनीक की मदद से दूर से ही फोन के कंपन की मदद से फोन की कन्वर्सेशन को सुना जा सकता है। रिसर्चर का दावा है कि इस सेंसर की मदद से कॉल के दूसरी तरफ के व्यक्ति की बात को 83 प्रतिशत सटीकता के साथ सुना जा सकता है। यानी इस सेंसर की मदद से आपके फोन की कन्वर्सेशन की जासूसी भी संभव है।

    पेंसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी की टीम ने इस सुरक्षा चिंता को उजागर करने के लिए ऑफ-द-शेल्फ ऑटोमोटिव रडार सेंसर और उपन्यास प्रसंस्करण दृष्टिकोण का इस्तेमाल किया है। रडार मिलीमीटर-वेव (mmWave) स्पेक्ट्रम विशेष रूप से 60 से 64 गीगाहर्ट्ज और 77 से 81 गीगाहर्ट्ज के बैंड में काम करता है। रिसर्चर ने इसी के आधार पर अपने दृष्टिकोण (अपरोच) को "mmSpy" नाम दिया है। यह 5G के लिए उपयोग किए जाने वाले रेडियो स्पेक्ट्रम का एक सबसेट है, जो दुनिया भर में कम्युनिकेशन सिस्टम के लिए पांचवीं जनरेशन स्टैंडर्ड है।

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    पेंसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के डॉक्टरेट कैंडिडेट सूर्योदय बसाक का कहना है कि जैसे-जैसे तकनीक समय के साथ अधिक विश्वसनीय और मजबूत होती जाती है वैसे ही धोखेबाजों द्वारा इस तरह की संवेदनशील तकनीकों का दुरुपयोग भी संभव हो जाता है। इस तरह की सुरक्षा चिंता को उजागर करने के पीछे हमारा सिर्फ यह उद्देश्य है कि ऑटोमोटिव रडार का इस्तेमाल करके फोन की कन्वर्सेशन को सुना जा सकता है और यह चिंता की बात है। हमें इसे रोकने के उपाय खोजने होंगे।

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    बसाक ने कहा, फोन का ईयरपीस कॉल के दौरान कंपन करता है, और वह कंपन फोन की पूरी बॉडी में होते हैं। हम इन कंपन को सेंस करने के लिए रडार का उपयोग करते हैं और कॉल के दूसरी तरफ के व्यक्ति द्वारा कही गई बातों को रिकंस्ट्रक्ट करते हैं। यह तरीका तब भी कारगर रहता है जब फोन पर बात करने वाले दोनों लोगों यहां तक की माइक्रोफोन की मदद से भी आवाज सुनने लायक नहीं रहती, फिर भी इस आवाज को रडार की मदद से सुना जा सकता है।

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