Satya Nadella: 'सिर्फ बातों से नहीं चलेगा काम... एआई को दिखाने होंगे नतीजे', दावोस में सत्य नडेला की चेतावनी
Satya Nadella WEF 2026:
माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्य नडेला ने कहा है कि अगर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्वास्थ्य, शिक्षा और उत्पादकता जैसे क्षेत्रों में ठोस नतीजे नहीं देता, तो यह समाज का भरोसा खो सकता है। दावोस में उन्होंने AI के बढ़ते ऊर्जा खर्च पर भी गंभीर सवाल उठाए।

विस्तार
स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के सीईओ सत्य नडेला (Satya Nadella) ने एआई के भविष्य को लेकर एक गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि एआई तकनीक को चलाने के लिए बहुत बड़ी मात्रा में बिजली और संसाधनों की जरूरत होती है। नडेला के अनुसार, दुनिया एआई के लिए इस ऊर्जा की खपत को तभी तक बर्दाश्त करेगी, जब तक यह समाज के काम आएगा। अगर एआई का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, शिक्षा के स्तर को सुधारने और सरकारी या निजी क्षेत्रों की कार्यक्षमता बढ़ाने में नहीं हुआ, तो यह तकनीक अपनी "सामाजिक अनुमति" खो देगी। यानी, लोग इस पर भरोसा करना और इसे समर्थन देना बंद कर देंगे।
एआई विश्व की बड़ी क्रांतियों में से एक
नडेला ने एआई की तुलना इंटरनेट, मोबाइल और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी बड़ी क्रांतियों से की। उन्होंने एआई को कंप्यूटिंग की दुनिया का एक नया अध्याय बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अब समय केवल प्रयोगों और बढ़ा-चढ़ाकर बातें करने का नहीं है। उन्होंने एआई के डेटा यूनिट्स या 'टोकन्स' को एक नई कमोडिटी बताया।
कौन से देश AI से सबसे ज्यादा फायदा उठाएंगे
उनके मुताबिक, आने वाले समय में वही देश सबसे ज्यादा फायदे में रहेंगे, जिनके पास मजबूत बिजली ग्रिड, आधुनिक डेटा सेंटर और ऊर्जा भंडारण की बेहतर सुविधाएं होंगी। चाहे अमीर देश हों या विकासशील, एआई की दौड़ में बुनियादी ढांचा ही जीत तय करेगा।
AI और नौकरियों को लेकर डर
जब नडेला से एआई की वजह से नौकरियों पर आने वाले खतरे के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे एक अलग नजरिए से देखने की सलाह दी। उन्होंने 80 के दशक का दिलचस्प उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय अगर कोई कहता कि भविष्य में दुनिया के चार अरब लोग रोज टाइपिंग करेंगे, तो कोई यकीन नहीं करता। लोग सोचते थे कि हमारे पास टाइपिस्ट हैं, तो सबको टाइपिंग सीखने की क्या जरूरत? लेकिन कंप्यूटर ने इंसान की क्षमता को बढ़ाया, उसे खत्म नहीं किया। नडेला का मानना है कि एआई भी इंसानी दिमाग की ताकत को बढ़ाने वाला एक औजार है, जिसे हमें अपनी क्षमताओं के विस्तार के रूप में देखना चाहिए।
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