सैमसंग की डिस्प्ले बनाने वाली फैक्ट्री आएगी नोएडा, चीन को लगा सबसे बड़ा झटका

कोरोना वायरस फैलने और भारत के साथ सीमा विवाद के बाद से ही चीन को लेकर पूरी दुनिया की भौवें तनी हैं। भारत ने ही चीन के खिलाफ एप्स बैन समेत कई बड़े कदम उठाए हैं। भारत के अलावा तमाम विदेशी कंपनियां भी चीन से धीरे-धीरे अपना नाता तोड़ रही हैं। दक्षिण कोरिया की टेक्नोलॉजी कंपनी सैमसंग ने पिछले महीने ही चीन के तियानजिन शहर में मौजूद अपने टीवी प्रोडक्शन यूनिट को बंद किया है और अब सैमसंग ने चीन को एक महीने के अंदर दूसरा बड़ा झटका देते हुए अपनी डिस्प्ले मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट को चीन से नोएडा शिफ्ट करने का फैसला लिया है।
चीन से शिफ्ट होकर नोएडा में आ रहे सैमसंग के मोबाइल, आईटी डिस्प्ले और ओएलईडी मोबाइल डिस्प्ले निर्माण के नए प्लांट की स्थापना का रास्ता अब साफ हो गया है। योगी कैबिनेट ने हाल ही में सैमसंग डिस्प्ले नोएडा प्राइवेट लिमिटेड को यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स नीति-2017 के तहत पूंजी उपादान और भूमि हस्तांतरण पर स्टांप ड्यूटी में छूट देने की मंजूरी दी है।
4,875 करोड़ रुपये का होगा निवेश
सैमसंग नोएडा में शुरू होने जा रही अपनी फैक्ट्री में 4,825 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, इससे 1500 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। सैमसंग की यह परियोजना मोबाइल और आईटी डिस्प्ले उत्पादों के निर्माण के लिए ऐसी पहली यूनिट है जो कि चीन से विस्थापित होकर नोएडा में स्थापित की जा रही है। उत्पादन शुरू होने के बाद भारत ओएलईडी तकनीक से निर्मित मोबाइल डिस्प्ले निर्माण करने वाला तीसरा देश बन जाएगा।
नोएडा में है दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नोएडा में दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट है जो कि सैमसंग की है। सैमसंग की इस सबसे बड़ी मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट की क्षमता हर महीने करीब एक करोड़ मोबाइल बनाने की है। सैमसंग की इस फैक्ट्री का उद्घाटन साल 2018 में हुआ था।
Samsung ने भारत में पूरे किए 25 साल
आपको बता दें कि सैमसंग ने इसी महीने भारत में 25 साल पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर कंपनी ने #PoweringDigitalIndia अभियान शुरू किया है। इस कार्यक्रम के तहत देशभर के छात्रों, स्थानीय स्टार्टअप समुदाय पर विशेष फोकस के साथ बदलावों के साथ एक नई स्थानीय आर एंड डी रणनीति और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को लक्ष्य कर कई नई पहल होगी। भारत में सैमसंग की यात्रा 1995 में शुरू हुई, हालांकि कंपनी ने अपना पहला फोन 2004 में लॉन्च किया था। आज भारत में सैमसंग की दो मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, पांच आर एंड डी सेंटर्स, एक डिजाइन सेंटर, 2,00,000 खुदरा दुकानों, 70,000 कर्मचारियों का बड़ा साम्राज्य है।
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