क्या एआई पर काम न करना पड़ा भारी?: महज चार महीने में शेयर 32% तक टूटे, जानिए सैमसंग अचानक क्यों पिछड़ने लगी
Samsung Crisis: दक्षिण कोरियाई की दिग्गज कंपनी सैमसंग एआई मेमोरी के मामले में अपने से छोटी प्रतिद्वंद्वी एसके हाइनिक्स से भी पीछे है। यह आउटसोर्स चिपमेकिंग के मामले में ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMC) से भी आगे निकलने में विफल रही। सैमसंग के शेयर इस साल 9 जुलाई के अपने शिखर से 32% तक गिर चुके हैं। कंपनी ने इस दौरान 122 बिलियन डॉलर का बाजार मूल्य गंवा दिया है। आइए जानते हैं क्यों कंपनी को इस हालात का सामना करना पड़ रहा है।

विस्तार
सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स कुछ महीने पहले ही वैश्विक एआई बूम से लाभ उठाने के लिए तैयार दिख रही थी। कंपनी का मुनाफा बढ़ रहा था और इसके शेयर ऑल टाइम हाई पर कारोबार थे। पर अब, हालात अचानक बदल गए हैं। दक्षिण कोरिया की सबसे बड़ी कंपनी इस बात का एक स्पष्ट उदाहरण बन गई है कि कारोबार में किस्मत कितनी जल्दी बदल सकती है। कारोबारी जगत में बढ़त उन लोगों को मिलती है जो तकनीक को निरंतर आधुनिक बनाए रहते हैं। फिलहाल, सैमसंग इस मामले में पिछड़ती दिख रही है।
जुलाई से अब तक 32% तक फिसले सैमसंग के शेयर
दक्षिण कोरियाई की दिग्गज कंपनी सैमसंग एआई मेमोरी के मामले में अपने से छोटी प्रतिद्वंद्वी एसके हाइनिक्स से भी पीछे है। यह आउटसोर्स चिपमेकिंग के मामले में ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMC) से भी आगे निकलने में विफल हो रही है। सैमसंग के शेयर इस साल 9 जुलाई के अपने शिखर से 32% तक गिर चुके हैं। कंपनी ने इस दौरान 122 बिलियन डॉलर का बाजार मूल्य गंवा दिया है।
सैमसंग ने प्रतिस्पर्धात्मकता हासिल करने के लिए बड़े बदलाव का वादा किया है, लेकिन पिक्टेट एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड और जेनस हेंडरसन इन्वेस्टर्स एसपी लिमिटेड सहित अंतरराष्ट्रीय धन प्रबंधक इस बात से आश्वस्त नहीं हैं कि कोई बदलाव हो सकता है। जुलाई के अंत से अब तक विदेशी निवेशकों ने दक्षिण कोरियाई कंपनी के लगभग 10.7 बिलियन डॉलर के शेयर बेच दिए हैं।
निवेशकों से निराशाजनक नतीजों के लिए सैमसंग को मांगनी पड़ी माफी
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार सैमसंग की बिक्री में स्मार्टफोन और अन्य उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स का हिस्सा अब भी सबसे ज़्यादा है, लेकिन हाल के वर्षों में सेमीकंडक्टर मुनाफे में सबसे ज्यादा योगदान दे रहे हैं। अपने चिप व्यवसाय में हाल ही में आए संकट के बाद, कंपनी ने निवेशकों से निराशाजनक नतीजों के लिए माफी भी मांगी।
एक ओर विदेशी निवेशकों ने सैमसंग से पलायन किया, दूसरी ओर, एनवीडिया दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक बन गई। एनवीडिया और एप्पल की ओर से डिजाइन किए गए चिप्स के प्रमुख निर्माता टीएसएमसी के बाजार मूल्य में इस साल 330 बिलियन डॉलर से अधिक का इजाफा हुआ।
सैमसंग के लिए हालात बहुत जल्दी बदले हैं। जून तिमाही में इसका परिचालन लाभ 15 गुना बढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। अगस्त में ही निवेशकों ने उम्मीद जताई थी कि यह एनवीडिया को AI प्रोसेसर के साथ काम वाली हाई-बैंडविड्थ मेमोरी की आपूर्ति करके अपना कारोबार और बढ़ा सकता है। हालांकि ऐसा हो नहीं सका।
जानकार बोले- सेमीकंडक्टर व्यवसाय में अपनी पैठ खो रहा सैमसंग
अक्तूबर की शुरुआत में कंपनी ने अपने नवीनतम पीढ़ी के एचबीएम चिप्स में देरी की बात स्वीकार की, जिसके तुरंत बाद एसके हाइनिक्स एलान कर दिया है उसने इन चिप्स का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर दिया है। इस बीच, अमेरिकी प्रतिद्वंद्वी माइक्रोन टेक्नोलॉजी भी एचबीएम की दिशा में आगे बढ़ रही है, उसने भी अपने उत्पादों की मजबूत मांग की सूचना दी है। पिक्टेट एसेट मैनेजमेंट में वैश्विक उभरते बाजारों की उच्च-लाभांश टीम के सदस्य और लंदन स्थित वरिष्ठ निवेश प्रबंधक यंग जे ली ने कहा कि सैमसंग सेमीकंडक्टर व्यवसाय में अपनी पैठ खो रहा है" उन्होंने कहा, "प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी बढ़त को अल्पावधि में फिर से हासिल करना स्वभाविक रूप से कठिन है," उन्होंने कहा कि फर्म सैमसंग में अपनी हिस्सेदारी कम कर रही है।
कंपनी की कार्यप्रणाली पर प्रबंधन से जुड़े मुद्दे भी हावी हैं। एआई मेमोरी में अपनी पिछड़ी हुई स्थिति के अलावा, सैमसंग को फाउंड्री व्यवसाय में TSMC के साथ अंतर को कम करने के लिए वर्षों से महंगा संघर्ष करना पड़ रहा है। इंटेल की तरह सैमसंग आउटसोर्स चिपमेकिंग संचालन का विस्तार करने की योजना से जुड़ी कठिनाइयों में फंस गई है। कोरियाई फर्म अब नौकरियों में कटौती करने और नुकसान को रोकने के लिए अन्य प्रयास में जुटी है। सैमसंग गुरुवार को तीसरी तिमाही की विस्तृत आय जारी करने के बाद एक कॉन्फ्रेंस कॉल आयोजित कर रहा है। कंपनी के नेतृत्व को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच, साल के अंत से पहले प्रबंधन में फेरबदल की उम्मीद है।