इंसानों को बनाया जा सकेगा 'अमर', रशियन बिजनेसमैन मिट्री इट्सकोव ने किया दावा

दिमाग पढ़ने वाली मशीन पर पिछले कई सालों से काम चल रहा है। अभी कुछ दिन पहले ही इलेक्ट्रिक कारों बनाने वाली दुनिया की सबसे कंपनी टेस्ला के सीईओ और एयरोस्पेस स्टार्टअप स्पेस X के संस्थापक एलन मस्क ने एक ऐसी डिवाइस तैयार की है, जो इंसानों का दिमाग पढ़ सकती है। वहीं एक बिजनेसमैन ने दावा किया है कि इंसानी दिमाग को कोड में बदलकर कृत्रिम दिमाग तैयार किया जा सकेगा। रशियन बिजनेसमैन मिट्री इट्सकोव ने यह भी दावा किया है कि 2045 तक इंसानों को अमर बनाया जा सकेगा।
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2035 तक तैयार हो जाएगा आर्टिफिशियल ब्रेन
इट्सकोव के दावे के मुताबिक की इंसान के दिमाग को मशीन से पढ़कर उसकी कोडिंग की जाएगी और कोड के आधार पर कृत्रिम मस्तिष्क बनाया जाएगा जिसका इस्तेमाल रोबोट्स में होगा और इस तरह इंसानों को अमर बनाया जा सकेगा। दूसरे शब्दों में कहें तो इंसानों के दिमाग को रोबोट के दिमाग में तब्दील कर दिया जाएगा। इट्सकोव के दावे के मुताबिक कई रशियन वैज्ञानिक इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।
इट्सकोव की टीम का नाम है रेकॉन
इट्सकोव ने एक रिसर्च सेंटर का निर्माण किया है जहां साइबरनेटिक्स और रोबोट पर काम चल रहा है। इस सेंटर में काम करने वाले लोग इंसान और मशीन के बीच तालमेल बिठाने की कोशिश करेंगे। सेंटर में काम करने वाली टीम का नाम रेकॉनहै। यह टीम इंसानों के दिमाग की मैपिंग करेगी और फिर उसकी कोडिंग के आधार पर कृत्रिम दिमाग तैयार होगा। सेंटर में काम करने वाले वैज्ञानिकों के मुताबिक मरने के लिए बुजुर्ग इंसानों के दिमाग की मैपिंग होगी और उसकी एनालिसिस की जाएगी।
इसी एनालिसिस के आधार पर रोबोट के दिमाग के लिए कोडिंग की जाएगी। इसके बाद इंसानों की मांग के आधार पर उसकी शक्ल की तरह ही रोबोट को तैयार किया जाएगा। इसके बाद एनालिसिस के आधार पर तैयार किए गए दिमाग को रोबोट में लगा दिया जाएगा। ऐसे में वह रोबोट मरे हुए इंसान की तरह ही सोचेगा। इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे वैज्ञानिक कृत्रिम दिमाग से कंट्रोल होने वाले इंसानी शरीर के अंग भी तैयार कर रहे हैं जिसे बायोनिक बॉडी पार्ट्स कहा जाएगा।