रूस-यूक्रेन: जंग के बीच बड़ा साइबर अटैक, यूरोप के हजारों यूजर्स का इंटरनेट ठप

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, पेरिसप्रदीप पाण्डेय
Sat, 05 Mar 2022 10:21 AM IST
सार

सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस देने वाली एक अन्य कंपनी bigblu ने भी कंफर्म किया है कि उसके यूरोप, जर्मनी, फ्रांस, ग्रीक, इटली और पोलैंड के करीब 40 हजार यूजर्स में एक तिहाई का इंटरनेट बंद हो गया है।

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सांकेतिक फोटो - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    रूस और यूक्रेन के बीच चले रही जंग के बीच अब तक के सबसे बड़े साइबर अटैक की खबर है। इस अटैक के बाद यूरोप के कई शहरों के हजारों यूजर्स का इंटरनेट बंद हो गया है। ऑरेंज के मुताबिक पिछले महीने 24 फरवरी को वायसैट पर हुए एक बड़े साइबर अटैक के बाद फ्रांस में इसकी सहायक कंपनी नॉर्डनेट की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा के करीब 9,000 यूजर्स का इंटरनेट कनेक्शन बंद हो गया है। आपको याद दिला दें कि 24 फरवरी को ही रूस ने यूक्रेन के साथ युद्ध की शुरुआत की थई।

    सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस देने वाली एक अन्य कंपनी bigblu ने भी कंफर्म किया है कि उसके यूरोप, जर्मनी, फ्रांस, ग्रीक, इटली और पोलैंड के करीब 40 हजार यूजर्स में एक तिहाई का इंटरनेट बंद हो गया है। बता दें कि Eutelsat, bigblu की पैरेंट कंपनी है। संदेह है कि ये यूजर्स भी वायसैट पर हुए अटैक से ही प्रभावित हैं। वायसैट ने कहा कि एक साइबर अटैक के बाद से यूरोप में यूक्रेन और अन्य जगहों पर आंशिक नेटवर्क आउटेज बना हुआ है।

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    Viasat ने इस अटैक के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी है। कंपनी का कहना है कि पुलिस और राज्य के साझेदारों का इस संबंध में सूचित किया गया है और वे मामले की जांच कर रहे हैं। फ्रांस के स्पेस कमांड के प्रमुख जनरल मिशेल फ्रिडलिंग ने कहा कि साइबर अटैक हुआ है।

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    Viasat ने अपने एक बयान में कहा कि खासतौर पर यूरोप और यूक्रेन को कवर करने वाले सैटेलाइट नेटवर्क पर अटैक हुआ जिसके बाद सैटेलाइट के हजारों टर्मिनल निष्क्रिय हो गए थे। इस अटैक के कारण जर्मनी और मध्य यूरोप में 11 गीगावाट के करीब 5,800 पवन टर्बाइन भी बंद हो गए हैं।

    बता दें इससे पहले यूक्रेन की संसद और अन्य सरकारी और बैंकिंग वेबसाइटों पर भी साइबर अटैक हुए हैं। अटैक के बाद हैकर्स ने सरकारी साइट और बैंक के कंप्यूटर में मैलवेयर भी डाले हैं। ईएसईटी रिसर्च लैब्स ने ही इस अटैक की पुष्टि की थी। लैब ने कहा कि उसने यूक्रेन के कंप्यूटर पर डाटा-वाइपिंग मैलवेयर (डाटा को डिलीट करने वाले) का पता लगाया है। लैब का दावा था कि इस अटैक में यूक्रेन की कई बड़ी संस्थाओं को भी निशाना बनाया गया है।

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