Welcome 2023: घरों तक पहुंचेंगे रोबोट, ग्राहक सेवाएं होंगी बेहतर, चिकित्सा देखभाल होगी बेहतर

Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।Jeet Kumar
Sun, 01 Jan 2023 06:25 AM IST
सार

आरपीए सॉफ्टवेयर का उपयोग व्यापार प्रक्रियाओं को स्वचालित करने के लिए है। इसमें जटिल रिपोर्ट की व्याख्या करना, लेनदेन की गणना करना, डाटा से निपटना और यहां तक कि ईमेल का जवाब देना भी शामिल है।

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Robots will reach homes customer services will be better, medical care will be better
एआई (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

    विस्तार

    2023 में दिखने और काम करने की क्षमता के मामले में रोबोट इन्सानों के और भी अधिक करीब हो जाएंगे। घरेलू सहायक और दरबान के रूप में वे इस साल घरों तक अपनी पहुंच बढ़ाने को तैयार हैं। वहीं, एआई और मशीन लर्निंग की तरह रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (आरपीए) भी ज्यादातर काम को स्वचालित कर रहा है।

    आरपीए सॉफ्टवेयर का उपयोग व्यापार प्रक्रियाओं को स्वचालित करने के लिए है। इसमें जटिल रिपोर्ट की व्याख्या करना, लेनदेन की गणना करना, डाटा से निपटना और यहां तक कि ईमेल का जवाब देना भी शामिल है। आरपीए दरअसल दोहराए जाने वाले कार्यों को स्वचालित करता है। टेस्ला ने दो ह्यूमनॉइड रोबोट का खुलासा किया है। ये सामान उठाने व पौधों को पानी देने जैसे सरल काम कर सकते हैं। उम्मीद है जल्द ही हमारे पास रोबोट बटलर होंगे, जो घर में मदद करेंगे।

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    बायोनिक कान : बच्चे सुन सकेंगे चिड़िया की चहचहाहट

    कानों से दिव्यांग बच्चे डिवाइस की मदद से सुन सकेंगे। आम तौर पर इसके लिए कॉक्लियर प्रत्यारोपण की प्रक्रिया अपनानी होती है, जो बच्चों के लिए उपलब्ध नहीं। इस सुविधा से बच्चे उन धुनों को भी सुन सकेंगे, जो पहले संभव नहीं था। उदाहरण के लिए चिड़िया की चहचहाहट।

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    कंक्रीट से बनेंगे रोबोटिक हाथ

    वर्तमान में स्टील के बजाय अब कंक्रीट से बने रोबोटिक हाथ प्रयोग में आएंगे।

    ये अधिक शक्तिशाली और कठोर होने की वजह से आसानी से काम कर सकेंगे। ये सस्ते भी होंगे, जिससे आम लोगों तक इसकी पहुंच बढ़ेगी।

    इंटरनेट ऑफ थिंग्स : ग्राहक सेवाएं होंगी बेहतर, चिकित्सा देखभाल में दिखेगा काम

    इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) से हम दूर से दरवाजे बंद कर सकते हैं। काम से घर लौटते समय अपने ओवन को पहले से ऑन कर लेते हैं। यह सुविधा अपनी पहुंच बड़ी आबादी तक बढ़ाएगी।

    आईओटी व्यवसायों के लिए बेहतर सुरक्षा, निर्णय लेने में सक्षम बनाता है। डाटा जुटाना और विश्लेषण आसान।

    यह भविष्य के लिए रखरखाव सक्षम कर सकता है, चिकित्सा देखभाल में तेजी ला सकता है। इस स्तर तक ग्राहक सेवा में सुधार कर सकते हैं जिसकी अभी तक किसी ने कल्पना भी नहीं की है।

    स्मार्ट सिटी का अहम हिस्सा

    भारत सरकार ने स्मार्ट सिटी योजना पर करीब 7,060 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इस योजना में भारत सरकार शहरी इलाकों में स्मार्ट पार्किंग, स्मार्ट प्रकाश व्यवस्था, स्मार्ट रखरखाव, नागरिक सुरक्षा, स्मार्ट ग्रिड, स्मार्ट ऊर्जा और जल प्रबंधन पर फोकस कर रही है।

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